मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कांटी प्रखंड अंतर्गत बझिला गांव में दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ महज एक मकान और जमीन के टुकड़े के विवाद में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतकों में रीता कुमारी और उनके दो मासूम बच्चे शामिल हैं। इस 'ट्रिपल मर्डर' के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है। पुलिस ने मृतका के पति की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।
धमकी के 24 घंटे के भीतर वारदात को अंजाम
पीड़ित संतोष कुमार साह (मिठाई लाल) ने पुलिस को बताया कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। घटना से ठीक एक दिन पहले 27 अप्रैल को आरोपियों ने संतोष की बाइक रोककर उन्हें पैतृक घर खाली करने की चेतावनी दी थी। आरोपियों ने साफ लफ्जों में कहा था कि अगर मकान नहीं छोड़ा तो अंजाम बुरा होगा। संतोष उस समय किसी तरह अपनी जान बचाकर काम पर निकल गए थे, उन्हें अंदाजा नहीं था कि आरोपी इतनी जल्दी उनकी दुनिया उजाड़ देंगे।
शादी से घर लौटे तो सामने था मौत का मंजर
संतोष के अनुसार, वह रात में एक शादी समारोह में गए थे। बुधवार सुबह जब वह घर लौटे, तो मुख्य दरवाजा बंद पाकर पीछे के रास्ते से अंदर दाखिल हुए। अंदर का दृश्य रूह कंपा देने वाला था कमरे में बिस्तर पर पत्नी और दोनों बच्चों के शव पड़े थे। तीनों के गले में टेंट के कपड़े की लाल रस्सी कसी हुई थी। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस की लापरवाही और पुरानी रंजिश
परिजनों का आरोप है कि आरोपियों ने साल 2024 में भी रीता देवी के साथ मारपीट और लूटपाट की थी। उस समय प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे आरोपियों के हौसले बुलंद हो गए। मकान को लेकर विवाद पहले से ही कोर्ट और पंचायत में चल रहा था।
कार्रवाई: पुलिस ने शुरू की छापेमारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुजफ्फरपुर पुलिस अलर्ट मोड पर है: रोशन कुमार, छोटू, अंजनी, सनी और शिवदयाल पासवान समेत 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज। गांव में आक्रोश को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मौके से हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद की गई है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।









