दबिश के दौरान खिड़की से कूदा साइबर आरोपी, पुलिस ने दबोचा

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जयपुर पुलिस का 'म्यूल हंटर' एक्शन: साइबर ठगों के नेटवर्क का भंडाफोड़, भारी मात्रा में मोबाइल और लैपटॉप बरामद

जयपुर। राजधानी में साइबर अपराधियों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत जालूपुरा थाना पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने एक होटल में दबिश देकर ठगी के पैसों का लेन-देन करने वाले गिरोह के एक सदस्य को दबोचा है।

होटल की खिड़की से कूदा आरोपी

यह पूरी कार्रवाई 17 अप्रैल की रात को मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर हुई।

  • होटल में दबिश: पुलिस टीम ने जब संदिग्धों के ठिकाने (होटल) पर छापेमारी की, तो आरोपी राजेन्द्र बैरवा (26) ने पकड़े जाने के डर से खिड़की से छलांग लगा दी।

  • घायल और गिरफ्तार: ऊंचाई से कूदने के कारण आरोपी घायल हो गया, जिसे पुलिस ने तुरंत हिरासत में लेकर इलाज के लिए एसएमएस (SMS) अस्पताल में भर्ती कराया।

बरामदगी और ठगी का तरीका

तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से अपराध में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण जब्त किए हैं:

  • इलेक्ट्रॉनिक सामान: 19 हाई-टेक मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप और कई अन्य संदिग्ध गैजेट्स।

  • बैंक खातों का खेल: जांच में सामने आया कि टोंक निवासी राजेन्द्र अपने साथियों के साथ मिलकर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के लोगों के बैंक खाते 'किराये' पर लेता था।

  • मनी ट्रेल: साइबर ठगी से आने वाली राशि को इन 'म्यूल अकाउंट्स' में मंगवाया जाता था। इसके बाद पुलिस और जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए पैसे को कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर नकद निकाल लिया जाता था।


देशभर में दर्ज हैं शिकायतें

जब पुलिस ने 'समन्वय पोर्टल' और संबंधित बैंकों से इन खातों का विवरण जुटाया, तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। इन खातों से जुड़ी ठगी की दर्जनों शिकायतें विभिन्न राज्यों में पहले से ही दर्ज थीं। आरोपी राजेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है।

फरार साथियों की तलाश जारी

इस गिरोह का जाल काफी फैला हुआ है। पुलिस अब राजेन्द्र के साथियों— सूरज शर्मा, अजय और अन्य की तलाश में जुटी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क की कड़ी पकड़ने से साइबर ठगी के कई और बड़े मामलों का खुलासा हो सकता है।