कफ सिरप मामले में STF की बड़ी कार्रवाई, विभोर राणा समेत छह पर चार्जशीट

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लखनऊ: 1200 करोड़ के कफ सिरप सिंडिकेट में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई, 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल

लखनऊ। नशीली कफ सिरप की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय सिंडिकेट के खिलाफ एसटीएफ (STF) ने अपनी घेराबंदी मजबूत कर दी है। एसटीएफ ने इस सिंडिकेट के तीन सुपर डिस्ट्रीब्यूटरों सहित कुल छह आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पिछले छह महीनों की गहन विवेचना के बाद टीम ने आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए हैं, जो वर्तमान में जेल में निरुद्ध हैं।

400 करोड़ की खरीद और 1200 करोड़ का काला कारोबार

जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। एसटीएफ की रिपोर्ट के अनुसार:

  • आरोपी विभोर राणा और उसकी कंपनी साल 2019 से इस अवैध तस्करी में शामिल थी।

  • बैंक खातों और दवा कंपनियों के रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि पिछले चार वर्षों में 400 करोड़ रुपये की सिरप खरीदी गई थी।

  • इसी खेप को अवैध तरीके से 1200 करोड़ रुपये से अधिक में बेचा गया।

नेपाल और बांग्लादेश तक फैला था जाल

एसटीएफ ने इस पूरे सिंडिकेट के 'सप्लाई रूट' का पर्दाफाश कर दिया है। यह गिरोह नामी कंपनियों से कोडीनयुक्त सिरप की बड़ी खेप खरीदता था और उसे कागजों में हेरफेर कर विभिन्न राज्यों के रास्ते नेपाल और बांग्लादेश तक पहुंचाता था। विवेचना में एक-एक बैंक खाते की डिटेल और तस्करी के रास्तों (रूट ट्रेल) को शामिल किया गया है।

इन आरोपियों पर कसा शिकंजा

जिन मुख्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है, उनमें शामिल हैं:

  1. विभोर राणा (जीआर ट्रेडिंग का मालिक)

  2. सचिन कुमार (मारुति मेडिकोज)

  3. अभिषेक शर्मा (एबी फार्मास्युटिकल)

  4. विशाल सिंह, बिट्टू कुमार और शुभम शर्मा (सहयोगी)

इसके अलावा, मामले में संलिप्त बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह, अमित टाटा और विकास के खिलाफ भी जल्द ही पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

विदेश बैठे सरगनाओं पर 'लुक आउट नोटिस'

सिंडिकेट का मुख्य सरगना शुभम जायसवाल अपने साथियों गौरव और वरुण सिंह के साथ फिलहाल विदेश में छिपा है। एसटीएफ ने इनके पासपोर्ट निरस्त करवा दिए हैं और इनके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है। भारत सरकार के माध्यम से इन आरोपियों को प्रत्यर्पित कर स्वदेश लाने की कानूनी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।