IPL फ्रेंचाइजियों को सुरक्षा नियमों का पालन करने की चेतावनी

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आईपीएल में सुरक्षा घेरा हुआ सख्त; टीम बस और डगआउट में बाहरी लोगों की एंट्री पर बीसीसीआई की 'नो टॉलरेंस' पॉलिसी

नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सत्र में सुरक्षा और अनुशासन को लेकर बीसीसीआई (BCCI) ने कड़ा रुख अपनाया है। आईपीएल की भ्रष्टाचार रोधी और सुरक्षा इकाई (ACSU) ने टीम डगआउट, खिलाड़ियों की बसों और होटलों के प्रतिबंधित क्षेत्रों में अनधिकृत लोगों की मौजूदगी पर गंभीर चिंता जताई है। इसके बाद बोर्ड ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को और अधिक सख्त कर दिया है ताकि स्पॉट फिक्सिंग और हनी ट्रैप जैसे खतरों को टाला जा सके।

ACSU की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: 'हनी ट्रैप' का खतरा

आईपीएल अध्यक्ष अरुण धूमल ने पुष्टि की है कि भ्रष्टाचार रोधी इकाई ने एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि:

  • अनधिकृत प्रवेश: टीम होटल, बस और डगआउट जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति के बाहरी लोग देखे गए हैं।

  • हनी ट्रैप और संदिग्ध गतिविधियां: बीसीसीआई सचिव ने फ्रेंचाइजियों को जारी 7 पन्नों की गाइडलाइन में 'हनी ट्रैप' जैसी गतिविधियों की संभावना जताई है। अनजान महिलाओं की पहुंच प्रतिबंधित क्षेत्रों तक होने से खिलाड़ियों के फंसने का जोखिम बढ़ गया है।

  • नियमों का उल्लंघन: कुछ युवा खिलाड़ियों पर आरोप है कि वे 'WAGS' (पत्नी और गर्लफ्रेंड) श्रेणी के नियमों की खामियों का फायदा उठाकर अज्ञात महिलाओं को टीम होटल के कमरों में बुला रहे हैं।

धूमल की चेतावनी: टूर्नामेंट की गरिमा सर्वोपरि

अरुण धूमल ने स्पष्ट किया है कि बीसीसीआई इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा, "खिलाड़ियों और अधिकारियों के क्षेत्र (PMOA) के लिए कुछ कड़े नियम हैं। फ्रेंचाइजियों को इन प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन करना होगा ताकि टूर्नामेंट की गरिमा बनी रहे।" खबरों के मुताबिक, इसी सप्ताह सभी फ्रेंचाइजियों के सीईओ (CEO) की एक आपात बैठक भी बुलाई गई है।

सोशल मीडिया और इन्फ्लुएंसर्स पर भी नजर

बीसीसीआई अधिकारी टीम होटलों और खिलाड़ियों के आसपास सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की बढ़ती सक्रियता से भी नाराज हैं।

  • इंस्टाग्राम पोस्ट पर लगाम: एक पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज की पत्नी द्वारा टीम होटल के कमरे से लगातार इंस्टाग्राम पोस्ट डालने पर भी सवाल उठाए गए हैं।

  • सुरक्षा में सेंध: अधिकारियों का मानना है कि सोशल मीडिया अपडेट्स से खिलाड़ियों की लोकेशन और सुरक्षा की गोपनीय जानकारी सार्वजनिक होने का डर रहता है।

विवादों के साये में मौजूदा सीजन

इस साल आईपीएल पहले ही अनुशासनहीनता के कई मामलों को लेकर चर्चा में है:

  1. वैभव सूर्यवंशी के मेंटर पर जुर्माना: राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज के निजी मेंटर रोमी भिंडर पर डगआउट में फोन इस्तेमाल करने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगा।

  2. वेपिंग (Vaping) विवाद: कप्तान रियान पराग और स्पिनर युजवेंद्र चहल के वेप (ई-सिगरेट) इस्तेमाल करने के वीडियो सामने आने के बाद बीसीसीआई ने सख्ती दिखाई है। भारत में 2019 के कानून के तहत वेपिंग अवैध है।

इतिहास से सबक: 2013 का दाग

साल 2013 के स्पॉट फिक्सिंग घोटाले ने आईपीएल की छवि को काफी नुकसान पहुँचाया था, जिसके बाद दो बड़ी टीमों (CSK और RR) को दो साल के लिए निलंबित किया गया था। बीसीसीआई किसी भी सूरत में वैसी स्थिति दोबारा नहीं आने देना चाहता, इसीलिए इस बार नियमों को पहले से कहीं ज्यादा कड़ा किया गया है।