बीकानेर। शहर के कोटगेट थाना इलाके में स्थित बिस्कुट गली उस समय अचानक चीख-पुकार और अफरातफरी से भर गई, जब वहां बने एक तीन मंजिला रिहायशी मकान में भयानक आग की लपटें उठने लगीं। शनिवार को हुई इस घटना ने पूरे मोहल्ले में दहशत फैला दी और देखते ही देखते भारी संख्या में स्थानीय लोग वहां जमा हो गए। धुएं का गुबार इतना घना था कि दूर से ही खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता था, जिसके बाद तुरंत पुलिस और प्रशासन को मामले की जानकारी दी गई।
मधुमक्खियों को भगाने की कोशिश पड़ी भारी
यह भीषण हादसा उस समय शुरू हुआ जब घर के मालिक अपने मकान की दूसरी मंजिल पर डेरा डाले बैठी मधुमक्खियों के छत्ते को हटाने का प्रयास कर रहे थे। छत्ते को जलाने के इरादे से सुलगाई गई आग ने पास में ही रखे लकड़ी के पुराने कबाड़ और ज्वलनशील सामान को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते मामूली सी चिंगारी ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी मंजिल धूं-धूं कर जलने लगी, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
दमकल विभाग का त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन
आग की भयावहता को देखते हुए दमकल केंद्र से एक के बाद एक चार गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाके के बावजूद अग्निशमन दल के कर्मचारियों ने सूझबूझ का परिचय दिया और कड़ी मशक्कत के बाद लपटों को आगे बढ़ने से रोका। प्रशासन को इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी ताकि राहत कार्य बिना किसी बाधा के पूरा किया जा सके।
पड़ोसियों की तत्परता ने बचाई जान
जिस वक्त आग की लपटों ने घर को घेर रखा था, उस समय परिवार के सभी सदस्य मकान के भीतर ही मौजूद थे जो एक गंभीर संकट की स्थिति थी। संकट की इस घड़ी में स्थानीय निवासियों ने अद्भुत साहस और सतर्कता दिखाते हुए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और घर में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि दूसरी मंजिल पर रखा घरेलू सामान और कीमती वस्तुएं पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, लेकिन लोगों की मुस्तैदी से एक बड़ा मानवीय हादसा टल गया।
समय रहते नियंत्रण से टली बड़ी तबाही
समय रहते प्रशासन और फायर ब्रिगेड की सक्रियता के कारण आग को तीसरी मंजिल या आसपास के सटे हुए मकानों तक पहुंचने से पहले ही बुझा दिया गया। इलाके में गनीमत इस बात की रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ और किसी को गंभीर चोट नहीं आई। घटना के कुछ घंटों बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई, लेकिन इस हादसे ने घनी आबादी वाले क्षेत्रों में आग को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।









