IPL में दिल्ली का सूखा जारी: 18 साल से खिताब न जीत पाने पर वेणुगोपाल राव ने जताई निराशा, प्रदर्शन में कमी को माना हार की वजह
दिल्ली कैपिटल्स के क्रिकेट निदेशक वेणुगोपाल राव ने फ्रैंचाइजी के 18 साल के इतिहास में अब तक एक भी आईपीएल (IPL) खिताब न जीत पाने पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मौजूदा सीजन में सातवीं हार के साथ ही दिल्ली की प्लेऑफ में पहुँचने की उम्मीदें लगभग धराशायी हो गई हैं। वेणुगोपाल राव ने इस विफलता के लिए टीम के प्रदर्शन में निरंतरता (Consistency) की कमी को मुख्य कारण बताया है।
गौरतलब है कि दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स लीग की ऐसी दो शुरुआती टीमें हैं, जो अब तक ट्रॉफी उठाने में नाकाम रही हैं। दिल्ली साल 2020 में खिताब के सबसे करीब पहुँची थी, लेकिन फाइनल में उसे मुंबई इंडियंस के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।
नाकामी के पीछे हर विभाग में रही कमी
टीम की हार पर चर्चा करते हुए राव ने कहा, "यह वाकई दुखद है कि हम 18 वर्षों से खिताब से दूर हैं। एक खिलाड़ी के तौर पर मैं हमेशा जीतना चाहता था और अब प्रबंधन व कोचिंग की भूमिका में भी मेरा लक्ष्य वही है। हार के लिए किसी एक विभाग को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अलग-अलग मैचों में हमारे अलग-अलग विभाग विफल रहे।"
हार के मुख्य बिंदु:
निर्णायक क्षणों में चूक: राव के अनुसार, टीम अहम मौकों पर अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रही।
खराब फील्डिंग: पंजाब के खिलाफ मुकाबले का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि टीम ने रन तो अच्छे बनाए, लेकिन अहम कैच छोड़ने की वजह से मैच हाथ से निकल गया।
तालमेल का अभाव: कुछ मैचों में गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया तो बल्लेबाज नहीं चले, और जब बल्लेबाजों ने रन बनाए तो गेंदबाज विफल रहे।
कुलदीप और अक्षर की फॉर्म ने बढ़ाई चिंता
दिल्ली की स्पिन जोड़ी, कुलदीप यादव और कप्तान अक्षर पटेल का इस सीजन में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाना भी टीम की कमजोरी साबित हुआ। राव ने स्वीकार किया कि जब ये दोनों खिलाड़ी अपनी लय में होते हैं, तो टीम की गेंदबाजी बेहद मजबूत रहती है।
उन्होंने कहा, "बीच के ओवरों में गेंदबाजी तभी प्रभावी होती है जब दोनों स्पिनर एक साथ दबाव बनाएं। फिलहाल एक खिलाड़ी अच्छा खेल रहा है तो दूसरा संघर्ष कर रहा है, जिससे बीच के ओवरों में पकड़ कमजोर हो रही है।"
लगातार मिल रही हार और खिलाड़ियों की खराब फॉर्म ने दिल्ली कैपिटल्स के प्रबंधन को भविष्य की रणनीति पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। अंक तालिका में सबसे निचले पायदानों पर होने के कारण टीम के लिए आगे का सफर बेहद कठिन नजर आ रहा है।









