एक फॉर्म में मिलेंगी सभी सुविधाएं, एमपी सरकार का बड़ा सुधार

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भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात देने की तैयारी में है। अब नया मकान बनाने या बिजली-पानी का कनेक्शन लेने के लिए नागरिकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सरकार जल्द ही "सिंगल एजेंसी क्लियरेंस सिस्टम" लागू करने जा रही है, जिसके तहत केवल एक ऑनलाइन आवेदन के जरिए नगर निगम से लेकर बिजली विभाग तक की तमाम मंजूरियां एक ही जगह मिल जाएंगी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना का खाका तैयार कर लिया है।

डिजिटल पोर्टल से खत्म होगी एनओसी की भागदौड़

नया सिस्टम पूरी तरह डिजिटल होगा, जिससे बिल्डिंग परमिशन की प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। अब तक लोगों को फायर ब्रिगेड, पर्यावरण विभाग, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग और जल विभाग से अलग-अलग एनओसी (NOC) लेनी पड़ती थी। नए पोर्टल के आने से आवेदकों को इन विभागों के चक्कर लगाने की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। सारा काम एक ही "कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म" के जरिए पूरा होगा, जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत होगी।

संयुक्त टीम करेगी साइट विजिट, 21 दिन में मिलेगी मंजूरी

इस सिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब अलग-अलग विभागों के अधिकारी बार-बार जांच के लिए साइट पर नहीं आएंगे। इसके बजाय, सभी संबंधित विभागों की एक संयुक्त टीम बनाई जाएगी, जो एक ही बार में मौके का निरीक्षण कर डेटा एकत्र करेगी। जो काम पहले पूरा होने में 30 से 90 दिन का समय लेते थे, वे अब महज 7 से 21 दिनों के भीतर पूरे हो सकेंगे। साथ ही, स्वीकृत नक्शा और 'ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट' डिजिटल हस्ताक्षर के साथ ऑनलाइन ही प्राप्त हो जाएंगे।

जवाबदेही होगी तय और फाइलों को ट्रैक करना होगा आसान

नए पोर्टल के माध्यम से आवेदक अपनी फाइल की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे, जिससे यह स्पष्ट रहेगा कि आवेदन किस अधिकारी के पास लंबित है। इस व्यवस्था में नगर निगम नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगा। यदि कोई संबंधित विभाग तय समय सीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट या जानकारी नहीं देता है, तो उसे "डीम्ड अप्रूवल" मान लिया जाएगा, यानी अनुमति स्वतः ही स्वीकृत मान ली जाएगी। इससे सरकारी कामकाज में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।