सम्राट चौधरी ने दरभंगा एयरपोर्ट और AIIMS परियोजनाओं की समीक्षा की

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दरभंगा: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी गुरुवार को मिथिलांचल की धरती दरभंगा पहुंचे, जहाँ एयरपोर्ट पर उनका भव्य और पारंपरिक स्वागत किया गया। इस अवसर पर बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर, विधायक डॉ. मुरारी मोहन और जेडीयू के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री को पाग, चादर और मखाने की माला पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री का यह दौरा क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एयरपोर्ट सुरक्षा और सीआईएसएफ को कमान

दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वहां की वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने हवाई अड्डे की सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद बनाने के उद्देश्य से इसकी जिम्मेदारी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों को सौंपे जाने के विषय पर उच्चाधिकारियों के साथ गहन विचार-विमर्श किया। इस दौरान सीआईएसएफ की एक टुकड़ी ने मुख्यमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यात्रियों की सुरक्षा और हवाई अड्डे की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जानी चाहिए।

विकास परियोजनाओं और एम्स निर्माण की प्रगति

मुख्यमंत्री के इस दौरे का मुख्य केंद्र दरभंगा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन और बहुप्रतीक्षित एम्स (AIIMS) के निर्माण कार्य की समीक्षा करना था। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों से निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और स्पष्ट किया कि इन परियोजनाओं का समय पर पूरा होना पूरे उत्तर बिहार के विकास के लिए आवश्यक है। सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता किए बिना तय समय सीमा के भीतर सभी तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाए ताकि आम जनता को जल्द से जल्द बेहतर स्वास्थ्य और हवाई सेवाएं मिल सकें।

पारंपरिक उद्घाटन और जनप्रतिनिधियों का संवाद

एयरपोर्ट की समीक्षा के पश्चात मुख्यमंत्री ने आयोजित कार्यक्रम में दीप प्रज्वलित कर औपचारिक रूप से समारोह की शुरुआत की। इस दौरान भाजपा और जेडीयू के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनसे मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की अन्य स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों पर चर्चा की। उन्होंने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मिथिला क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है और दरभंगा को एक प्रमुख आर्थिक व स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।