भोपाल | मध्य प्रदेश में चक्रवाती आंधी और बारिश का दौर थमते ही चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया है। सूबे में खंडवा 45.1 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे तपे हुए शहर के रूप में दर्ज किया गया। चंद इलाकों को छोड़ दें तो वर्तमान में लगभग पूरा राज्य भीषण लू (हीटवेव) की चपेट में है। प्रदेश के 12 से अधिक जिलों में पारा 43 डिग्री के स्तर को पार कर चुका है। मौसम केंद्र ने शनिवार को भी राज्य के 37 जिलों में लू चलने की चेतावनी दी है, जिसमें से 5 जिलों के लिए अत्यधिक तीव्र हीटवेव का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया गया है। हालांकि, शुक्रवार को कटनी और उमरिया जैसे कुछ हिस्सों में अचानक मौसम बदला और बारिश दर्ज की गई।
37 जिलों में लू का प्रकोप, 5 में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञानियों ने शनिवार को राज्य के 37 प्रमुख जिलों के लिए लू का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन प्रभावित क्षेत्रों में भोपाल, ग्वालियर, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, गुना और सागर समेत कई अन्य जिले शामिल हैं। विशेष रूप से इंदौर, उज्जैन, रतलाम, धार और देवास में धूप और गर्मी के तीखे तेवरों को देखते हुए मौसम विभाग ने तीव्र लू का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। इन क्षेत्रों में शनिवार को भी पारा 44 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बने रहने के आसार हैं। दूसरी तरफ, राजधानी भोपाल में दिन भर रही तेज तपिश के बाद रात को चली हवाओं ने नागरिकों को मामूली राहत दी है।
उमरिया में बेमौसम बारिश से भीगा किसानों का अनाज
एक ओर जहां पूरा प्रदेश सूरज की तपिश से झुलस रहा है, वहीं शुक्रवार को कटनी, डिंडौरी और उमरिया में तेज हवाओं के साथ पानी गिरा। कटनी में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। उमरिया में हुई इस अचानक बारिश ने अन्नदाताओं की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि वहां उपार्जन केंद्रों (खरीद केंद्रों) पर खुले में रखा भारी मात्रा में गेहूं पानी में भीग गया। किसानों को डर है कि यदि शनिवार को भी मौसम का यही मिजाज रहा तो उनकी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं, हालांकि मौसम वैज्ञानिकों ने शनिवार को राज्य में कहीं भी बारिश न होने का अनुमान जताया है।
केरल में मानसून की दस्तक और प्री-मानसून की स्थिति
मध्य प्रदेश में 10 मई को थमे आंधी-बारिश के दौर के बाद से ही लगातार तापमान में बढ़ोतरी देखी जा रही है और अनुमान है कि 18 मई तक गर्मी का यह दौर इसी तरह हावी रहेगा। इस बीच राहत की खबर यह है कि केरल में इस बार 26 जून तक मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते बंगाल की खाड़ी से आने वाली मानसूनी हवाएं हवा में नमी बढ़ाएंगी। मौसम विभाग के अनुसार, देश में प्री-मानसून की गतिविधियां आरंभ हो चुकी हैं। अमूमन केरल में 1 जून तक मानसून दस्तक देता है, जिसके बाद उत्तर और मध्य भारत के मौसम चक्र में भी तेजी से बदलाव आने लगता है।









