पानी की किल्लत पर सियासी घमासान, विधायक ने महापौर आवास पर धरने की दी चेतावनी

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इंदौर | मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भीषण गर्मी के बीच जलसंकट लगातार गहराता जा रहा है। शहर के विभिन्न जलघरों और टंकियों में पानी का स्तर लगातार गिरने की वजह से कई रिहायशी इलाकों में हाहाकार मचा हुआ है। आलम यह है कि पांच से छह मीटर की क्षमता वाली पानी की टंकियां बमुश्किल दो से तीन मीटर ही भर पा रही हैं, जिसका सीधा असर जलापूर्ति पर पड़ रहा है और नलों का प्रेशर बेहद कम हो गया है। पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे वीणा नगर और उसके आसपास के रहवासियों का सब्र आखिरकार सोमवार सुबह टूट गया और उन्होंने सड़क पर उतरकर मोर्चा खोल दिया।

खाली बर्तन लेकर महिलाओं ने किया चक्काजाम, फोड़े मटके

पेयजल की गंभीर किल्लत से आक्रोशित बड़ी संख्या में महिलाएं और स्थानीय लोग खाली मटके, बाल्टियां और बर्तन लेकर मुख्य मार्ग पर जमा हो गए। प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराते हुए महिलाओं ने सड़क पर ही मटके फोड़े और वहीं धरने पर बैठ गईं। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता अमित पटेल और पार्षद राजू भदौरिया के साथ मिलकर बस्तियों के लोग सड़क पर बैठ गए, जिससे वहां से गुजरने वाले वाहनों के पहिए थम गए। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और लंबा जाम लग गया।

सरेराह गूंजे "महापौर पानी दो" के नारे, पुलिस ने संभाला मोर्चा

सड़क जाम और हंगामे की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, उग्र रहवासी अपनी मांग पर अड़े रहे और हवा में खाली बर्तन लहराते हुए “महापौर पानी दो, पानी दो” के जोरदार नारे लगाने लगे। स्थानीय निवासियों का गंभीर आरोप है कि वे पिछले कई हफ्तों से नगर निगम के चक्कर काट रहे हैं और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि जब घरों में पीने तक का पानी नहीं बचा, तब मजबूरी में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।

अपनी ही सरकार के महापौर पर भड़के विधायक, दी आंदोलन की चेतावनी

जलसंकट की इस तपिश से अब सियासी पारा भी चढ़ने लगा है। क्षेत्र में चल रहे एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान पांच नंबर विधानसभा के वरिष्ठ भाजपा विधायक महेंद्र हार्डिया अपनी ही पार्टी के महापौर पुष्यमित्र भार्गव की मौजूदगी में जलसंकट को लेकर बुरी तरह उखड़ गए। क्षेत्र की बदहाली और जनता की परेशानी देखकर विधायक कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर वहां से रवाना हो गए।

मीडिया से बात करते हुए महेंद्र हार्डिया ने तीखे तेवर दिखाए और कहा कि इंदौर शहर में पानी की ऐसी किल्लत उन्होंने अपने पूरे जीवन में पहले कभी नहीं देखी। टंकियां सूखी पड़ी हैं और जनता तक टैंकर भी नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने साफ लहजे में चेतावनी दी कि अगर नगर निगम प्रशासन ने अगले कुछ दिनों में इस समस्या का ठोस समाधान नहीं निकाला, तो वे खुद हर दिन महापौर बंगले के सामने जाकर धरने पर बैठेंगे।