दूध, दही और छाछ महंगे, सीकर-झुंझुनू के लोग रहेंगे महंगाई की मार में

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सीकर। ईंधन की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे के बाद अब आम जनता की रसोई का बजट और बिगड़ने वाला है। देशव्यापी महंगाई के बीच अब दूध, दही और छाछ जैसी आवश्यक खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने जा रहे हैं। अमूल डेयरी और जयपुर सरस डेयरी द्वारा कीमतों में हाल ही में की गई बढ़ोतरी के बाद, अब सीकर के उपभोक्ताओं को भी जेब ढीली करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर डेयरी उत्पादों की दरों में संशोधन की पूरी तैयारी कर ली गई है।

पलसाना डेयरी ने तैयार किया प्रस्ताव, जयपुर मुख्यालय भेजी फाइल

जयपुर सरस डेयरी द्वारा दूध और उसके सह-उत्पादों पर दो रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी किए जाने के बाद अब सीकर एवं झुंझुनू जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ पलसाना (सरस डेयरी पलसाना) ने भी यही रास्ता चुना है। डेयरी प्रबंधन ने दरों में वृद्धि करने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF) के जयपुर स्थित मुख्यालय भेज दिया है। पलसाना डेयरी के प्रबंधक एलसी बलाई के मुताबिक, मुख्यालय से हरी झंडी मिलते ही आगामी सोमवार से नई दरें प्रभावी कर दी जाएंगी।

प्रति किलो ₹2 तक बढ़ने की आशंका, आम जनता का बिगड़ेगा बजट

बाजार विशेषज्ञों और डेयरी सूत्रों के अनुसार, इस नए संशोधन के बाद दूध, छाछ और दही की कीमतों में प्रति किलोग्राम दो रुपए तक की बढ़ोतरी होना लगभग तय माना जा रहा है। सुबह-शाम की चाय से लेकर बच्चों और बुजुर्गों के जरूरी पोषण तक, दूध हर घर की प्राथमिक आवश्यकता है। ऐसे में प्रति लीटर दो रुपए की यह वृद्धि सीधे तौर पर मध्यम और निम्न वर्गीय परिवारों के मासिक खर्च को प्रभावित करेगी।

ईंधन, पशु आहार और परिवहन लागत बढ़ना बनी मुख्य वजह

डेयरी उत्पादों के महंगे होने के पीछे कई बड़े कारण जिम्मेदार हैं। जानकारों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते परिवहन और ढुलाई का खर्च काफी बढ़ गया है। इसके साथ ही पशु आहार (चारा व खल), बिजली और पैकेजिंग सामग्री की लागत में भी भारी इजाफा हुआ है। उत्पादन और वितरण की इस बढ़ती लागत का सीधा बोझ अब दुग्ध संघों द्वारा मजबूरन उपभोक्ताओं पर डाला जा रहा है, जिससे डेयरी किसानों को भी राहत मिल सके।

जयपुर डेयरी के मुनाफे में होने के बावजूद जनता पर डाला बोझ

इससे पहले जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) ने हाल ही में सरस दूध और उससे बनने वाले उत्पादों (लस्सी, दही, छाछ) की कीमतों में दो रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी, जो 21 मई की शाम से लागू हो चुकी है। चर्चा इस बात की भी है कि जयपुर डेयरी इस समय 100 करोड़ रुपए से अधिक के शुद्ध लाभ (Net Profit) की स्थिति में चल रही है। ऐसे में आम जनता को आर्थिक राहत देने के बजाय कीमतों में बढ़ोतरी करने से उपभोक्ताओं में थोड़ी नाराजगी भी देखी जा रही है।