अमर्यादित बयान पर बढ़ी मुश्किलें, अधिवक्ता ने पुलिस को सौंपी पेन ड्राइव

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महोबा | उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में अपहरण और दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली एक नीट (NEET) छात्रा से मुलाकात करने पहुंचे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय कानूनी मुश्किलों में घिर गए हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित रूप से अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में भाजपा जिला कार्य समिति के सदस्य और अधिवक्ता नीरज रावत की शिकायत पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, निवर्तमान प्रदेश सचिव बृजराज सिंह और उनके करीब 30 अज्ञात समर्थकों के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। मामला उस समय गरमाया जब कांग्रेस नेता पीड़िता से मिलकर लौट रहे थे और उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया, जिसमें वे प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते सुने गए। इस घटना के बाद स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके बाद मामले ने कानूनी रूप ले लिया।

नीट छात्रा के अपहरण व दुष्कर्म के आरोपों से जुड़ा है मामला

इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की रहने वाली एक 25 वर्षीय युवती से जुड़ी है, जो महोबा में किराए का कमरा लेकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह बीते 30 अप्रैल को लाइब्रेरी से लौटते वक्त अचानक लापता हो गई थी, जिसे पुलिस ने करीब 16 दिन बाद सकुशल बरामद किया। बरामदगी के बाद युवती ने कुछ लोगों पर उसका अपहरण करने, बंधक बनाकर दुष्कर्म करने और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का संगीन आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में सोशल मीडिया पर युवती की शादी का एक वीडियो सामने आने और उसमें स्वेच्छा से विवाह की बात दिखने के बाद से इस पूरे मामले का रुख बदल गया।

पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष का वीडियो वायरल

इसी संवेदनशील मामले की जमीनी हकीकत जानने और पीड़ित छात्रा से मुलाकात करने के लिए शुक्रवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय महोबा पहुंचे थे। उन्होंने बंद कमरे में पीड़िता से बातचीत कर घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। लेकिन, इस मुलाकात के बाद जब वे वहां से रवाना हो रहे थे, तभी मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति द्वारा बनाया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर अपशब्दों और अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए पाए गए, जिससे राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई।

सरकारी कार्य में बाधा और आचार संहिता उल्लंघन की धाराओं में केस दर्ज

भाजपा नेता व अधिवक्ता नीरज रावत ने इस संबंध में शहर कोतवाली में लिखित तहरीर दी, जिसमें आरोप लगाया गया कि 22 मई को बिना किसी प्रशासनिक और आधिकारिक अनुमति के इस पूरे कार्यक्रम और वीआईपी मूवमेंट को अंजाम दिया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, अजय राय 15 से 16 लक्जरी गाड़ियों के काफिले और दर्जनों समर्थकों के साथ पहुंचे थे, जिससे सड़क पर वाहनों का लंबा जाम लग गया और आम रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। इस दौरान वहां तैनात पुलिस और प्रशासनिक अमले को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी। अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह ने बताया कि साक्ष्य के तौर पर वीडियो की पेन ड्राइव प्राप्त हुई है और तहरीर के आधार पर सरकारी कार्य में बाधा डालने समेत विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।