कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं पर हुए कथित हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि साल 2021 के विधानसभा चुनावों के बाद राज्य में हुई हिंसा की पूरी कानूनी जांच कराई जाएगी और पीड़ित लोगों को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। नंदीग्राम में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों पर हुए हर एक हमले का पूरा रिकॉर्ड सुरक्षित रखा गया है और सही समय आने पर कानून के दायरे में रहकर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की भी अपील की।
कार्यकर्ताओं से बदला न लेने की अपील
मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार नंदीग्राम पहुंचे शुभेंदु अधिकारी इस दौरान काफी भावुक नजर आए। उन्होंने इस क्षेत्र को अपनी राजनीतिक यात्रा का मुख्य केंद्र बताते हुए कहा कि यहाँ के लोगों ने हमेशा उनका साथ दिया है और उनके लिए लाठियां तक खाई हैं। चुनाव के बाद हुई हिंसा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि कई भाजपा समर्थकों के घरों को तोड़ा गया और उन पर जानलेवा हमले हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा कि वे किसी भी तरह की प्रतिशोधात्मक (बदले की) कार्रवाई न करें, क्योंकि भाजपा इस तरह की हिंसक राजनीति में बिल्कुल भी भरोसा नहीं रखती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उन्हें हर एक घटना अच्छी तरह याद है और किसी भी पीड़ित के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
नंदीग्राम सीट छोड़ने पर दी सफाई
इस जनसभा के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट छोड़ने को लेकर अपने समर्थकों के मन में चल रही चिंताओं और कयासों को भी दूर करने का प्रयास किया। उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि नंदीग्राम हमेशा उनका घर रहेगा और यहाँ के लोगों से उनका दिल का रिश्ता कभी कमजोर नहीं हो सकता। उन्होंने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि साल 2021 के ऐतिहासिक चुनाव में उन्होंने इसी सीट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी को मात दी थी और साल 2026 में भी यहाँ के लोगों ने उन्हें भारी मतों से जिताया। हालांकि, मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य की बड़ी जिम्मेदारियों के कारण अब उन्हें पूरे बंगाल पर ध्यान देना है, इसलिए उन्हें यह सीट छोड़नी पड़ी।
छोटे भाई सोमेंदु अधिकारी को सौंपी जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने नंदीग्राम की जनता की सहूलियत के लिए एक बड़ा एलान करते हुए इस क्षेत्र की पूरी जिम्मेदारी अपने छोटे भाई सोमेंदु अधिकारी को सौंपने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अब से नंदीग्राम के पंचायत, स्थानीय प्रशासन और जनता से जुड़े तमाम मामलों को सोमेंदु अधिकारी ही संभालेंगे। इस काम में जनता की मदद करने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए इलाके के पांच स्थानीय विधायक भी सोमेंदु अधिकारी का पूरा सहयोग करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शुभेंदु अधिकारी के इस सख्त रुख से साफ संकेत मिलते हैं कि भाजपा आने वाले समय में बंगाल के भीतर राजनीतिक हिंसा और बिगड़ी कानून व्यवस्था के मुद्दे को बहुत आक्रामक तरीके से उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।









