बीकानेर: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बीकानेर के सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित बीएसएफ (BSF) की सांचू पोस्ट पहुंचकर उन्होंने 'प्रहरी सम्मेलन' को संबोधित किया। जवानों से बातचीत के दौरान गृहमंत्री ने साफ कहा कि बीएसएफ को अब अपनी पारंपरिक ड्यूटी से आगे बढ़कर सुरक्षा के नए तरीकों और आयामों पर काम करना होगा।
50 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माण और गतिविधियों पर नजर
गृहमंत्री अमित शाह ने बीएसएफ को निर्देश दिया कि वे अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे 50 किलोमीटर तक के दायरे में होने वाली किसी भी असामान्य गतिविधि पर कड़ी नजर रखें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांवों में होने वाले किसी भी अवैध निर्माण की जानकारी बीएसएफ तुरंत स्थानीय सिविल प्रशासन और पुलिस को दे। बीकानेर में महिला बैरकों के ई-उद्घाटन के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल सीमा पर चौकसी रखना काफी नहीं है, बल्कि सीमा से सटे 50 किलोमीटर तक के क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है।
आबादी में बदलाव और ड्रोन तस्करी पर चिंता
श्री शाह ने जवानों और अधिकारियों से कहा कि अगर सीमावर्ती गांवों की आबादी में किसी भी तरह का अस्वाभाविक या संदेहास्पद बदलाव दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत राज्य सरकार को दी जाए ताकि समय रहते सतर्कता बरती जा सके। इसके अलावा, उन्होंने ड्रोन के जरिए होने वाली हथियारों और नशीले पदार्थों (नारकोटिक्स) की तस्करी को देश के लिए एक बड़ा खतरा बताया।
6 महीने में लगेगा एंटी-ड्रोन सिस्टम
ड्रोन के खतरे से निपटने के लिए गृहमंत्री ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि भारत सरकार अगले छह महीने के भीतर बॉर्डर पर ड्रोन रोधी (एंटी-ड्रोन) सिस्टम लगाने का काम शुरू कर देगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सीमा पार से आने वाले ड्रोन भारत की जमीन पर कहाँ उतरते हैं, उन्हें यहाँ कौन रिसीव करता है और उस सामग्री का इस्तेमाल कौन करता है—इस पूरे नेटवर्क पर पैनी नजर रखकर सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
'फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड' का साझा मॉडल
बॉर्डर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए अमित शाह ने 'फोर लेयर सिक्योरिटी ग्रिड' तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बीएसएफ, भारतीय सेना, स्थानीय नागरिक और राज्य सरकार मिलकर इस चार स्तरीय सुरक्षा चक्र को मजबूत करेंगे। इसे केवल एक सुरक्षा ग्रिड न मानकर 'साझा जिम्मेदारी' वाला सुरक्षा मॉडल समझा जाना चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि सीमा पार के खतरों के साथ-साथ हमें देश के अंदर छिपे उन तत्वों पर भी नजर रखनी होगी, जिनका इस्तेमाल दुश्मन देश हमारे खिलाफ कर सकते हैं।









