सीएनजी कीमतों में बढ़ोतरी से दिल्ली-एनसीआर में परिवहन खर्च बढ़ने की आशंका

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जयपुर: राजस्थान में सीएनजी (CNG) वाहनों का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ बढ़ गया है। प्रमुख सीएनजी आपूर्ति कंपनी टोरेंट गैस ने सीएनजी की दरों में 1.59 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। कंपनी की ओर से जारी संशोधित दरें आज से ही जयपुर शहर और इसके आसपास के सभी अधिकृत फिलिंग स्टेशनों पर लागू कर दी गई हैं। इस मूल्य वृद्धि से पहले जयपुर में सीएनजी का भाव 94.41 रुपये प्रति किलोग्राम था, जो अब इस ताजा बढ़ोतरी के बाद पूरे 96 रुपये पर पहुँच गया है। पेट्रोल-डीजल के ऊंचे दामों के बीच इस बढ़ोतरी से उन वाहन चालकों को झटका लगा है, जिन्होंने किफायती विकल्प के रूप में सीएनजी को चुना था।

दैनिक और मासिक खर्च का बदला गणित, चालकों पर बढ़ेगा भार

टोरेंट गैस द्वारा कीमतों में किए गए इस बदलाव के बाद जयपुर में सीएनजी अब अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुँच गई है। वैश्विक बाजार में प्राकृतिक गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और परिचालन लागत में वृद्धि को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। इस बढ़ोतरी के गणित को समझें तो यदि कोई कार चालक अपने वाहन में औसतन 10 किलो गैस रीफिल करवाता है, तो उसे अब हर बार लगभग 15.90 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। वहीं, रोजाना 20 से 30 किलो गैस की खपत करने वाले कमर्शियल वाहनों का दैनिक खर्च 32 रुपये से लेकर 48 रुपये तक बढ़ जाएगा, जो मासिक बजट को प्रभावित करेगा।

ऑटो और टैक्सी चालकों की बढ़ी चिंता, किराया बढ़ने के आसार

जयपुर जैसे महानगर में सीएनजी महंगी होने का सीधा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ता है। वर्तमान में शहर की सड़कों पर हजारों सीएनजी ऑटो, ई-रेट्रीफिटेड गाड़ियां और ओला-उबर जैसी कैब दौड़ रही हैं। दाम 96 रुपये प्रति किलो होने से इन चालकों के मुनाफे का मार्जिन कम होगा। वाहन चालकों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल पहले से ही पहुंच से दूर हैं, इसलिए उन्होंने सीएनजी अपनाई थी, लेकिन अब यह भी शतक लगाने की ओर बढ़ रही है। इस स्थिति के कारण आने वाले दिनों में चालकों द्वारा किराया बढ़ाने की मांग की जा सकती है, जिससे दफ्तर और कॉलेज आने-जाने वाले आम यात्रियों की जेब और ढीली होगी।

माल भाड़ा बढ़ने से रोजमर्रा की चीजें हो सकती हैं महंगी

सीएनजी का उपयोग केवल छोटे वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि मुहाना मंडी जैसी थोक मंडियों से फल, सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी सामानों को शहर के खुदरा बाजारों तक पहुँचाने वाले हल्के वाणिज्यिक वाहनों (LCVs) में भी इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टर्स की परिचालन लागत बढ़ जाती है। ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भले ही यह बढ़ोतरी 1.59 रुपये की है, लेकिन लगातार बढ़ते खर्चों के कारण माल भाड़े में आंशिक संशोधन करना पड़ सकता है, जिससे स्थानीय बाजारों में खुदरा वस्तुओं की कीमतें मामूली रूप से प्रभावित हो सकती हैं।

बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल-डीजल के मुकाबले बेहतर विकल्प

इस मूल्य वृद्धि के बाद भी यदि जयपुर में अन्य ईंधनों से तुलना की जाए, तो सीएनजी अभी भी पेट्रोल और डीजल के मुकाबले काफी किफायती श्रेणी में बनी हुई है। जयपुर में पेट्रोल का दाम 100 रुपये प्रति लीटर से काफी ऊपर चल रहा है। सीएनजी न केवल प्रति किलोग्राम मूल्य में पेट्रोल से सस्ती है, बल्कि इसका माइलेज भी पेट्रोल वाहनों की तुलना में लगभग 25% से 30% तक अधिक होता है। साथ ही, पर्यावरण के अनुकूल होने और बेहद कम कार्बन उत्सर्जन के कारण जयपुर जैसे बढ़ते शहर की वायु गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए यह आज भी उपभोक्ताओं की पहली पसंद बनी रहेगी।