डिप्टी सीएम के आवास पर हुई बंद कमरे की बैठक, बिहार की राजनीति में सरगर्मी तेज

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पटना:बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर जून 2026 में होने वाले आगामी चुनाव को लेकर सूबे की राजधानी पटना का राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद से ही सभी प्रमुख सियासी दलों ने अपनी-अपनी गोटियां बिछाना शुरू कर दिया है। इसी बीच, एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार अचानक प्रदेश के डिप्टी सीएम और पार्टी के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी के सरकारी आवास पर पहुंचे। दोनों कद्दावर नेताओं के बीच बंद कमरे में काफी देर तक बेहद गुप्त और महत्वपूर्ण मंत्रणा हुई। इस अचानक हुई हाई-प्रोफाइल मुलाकात के बाद से ही दोनों खेमों और टिकट की रेस में शामिल दावेदारों की धड़कनें तेज हो गई हैं।

बंद कमरे में संभावित उम्मीदवारों के नामों पर हुआ मंथन

नीतीश कुमार और विजय चौधरी की इस औचक मुलाकात को लेकर सियासी गलियारों में कयासों का दौर शुरू हो गया है। राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस गुप्त बैठक का मुख्य एजेंडा जदयू कोटे से विधान परिषद जाने वाले संभावित उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देना था। चर्चा यह भी है कि मुख्यमंत्री ने विजय चौधरी के साथ मिलकर एनडीए (NDA) के सहयोगी दलों के साथ सीटों के तालमेल और वोट ट्रांसफर के समीकरणों को लेकर भी अपनी भविष्य की रणनीति साझा की है।

नए सामाजिक समीकरणों और नफा-नुकसान की समीक्षा

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि आगामी चुनाव में जेडीयू इस बार कुछ नए सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश में है। बंद कमरे में हुई इस बातचीत के दौरान पार्टी के कुछ बेहद वफादार चेहरों के नामों पर विचार करने के साथ-साथ, नए चेहरों को मौका देने से होने वाले नफा-नुकसान की भी बारीकी से समीक्षा की गई है। माना जा रहा है कि पार्टी इस बार क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को ध्यान में रखकर ही टिकटों का बंटवारा करेगी।

संकटमोचक के साथ अंतिम चुनावी रणनीति पर चर्चा

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, विजय कुमार चौधरी को नीतीश कुमार का सबसे विश्वसनीय और बड़ा संकटमोचक माना जाता है। सरकार या संगठन पर जब भी कोई बड़ा फैसला लेना होता है, तो विजय चौधरी की राय बेहद अहम होती है। यही कारण है कि उम्मीदवारों की अंतिम सूची पर मुहर लगाने और चुनावी बिसात बिछाने से पहले नीतीश कुमार ने उनके साथ अकेले में पूरी चुनावी रणनीति पर अंतिम दौर का मंथन किया है।