सवाई माधोपुर | सोशल मीडिया के जरिए लोगों की पारिवारिक जानकारी निकालकर उन्हें अपना शिकार बनाने वाले एक बेहद शातिर साइबर ठग को पुलिस ने दबोच लिया है। यह ठग फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लोगों के प्रोफाइल खंगालता था और वहां शादी, सगाई या बधाई संदेशों वाली पोस्ट के जरिए अपना टारगेट तय करता था। इसके बाद वह संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर हासिल कर लड़की की आवाज में फोन करता था और 'जीजाजी, मैं आपकी साली बोल रही हूं' कहकर उन्हें अपने जाल में फंसा लेता था। मीठी-मीठी बातों से झांसे में लेकर वह लोगों से पैसे ऐंठता था। सवाई माधोपुर की कोतवाली थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस जालसाज को बारां जिले से गिरफ्तार कर लिया है।
साइबर हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों के बाद हुआ पर्दाफाश
कोतवाली थानाधिकारी मदन लाल मीणा के मुताबिक, इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब बीती 2 अप्रैल को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय से संदिग्ध और फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) की एक लिस्ट प्राप्त हुई। पुलिस जब इन संदिग्ध खातों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी, तो साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इस गिरोह के खिलाफ ठगी की करीब 10 शिकायतें पहले से ही दर्ज मिलीं। इन पुख्ता सबूतों और शिकायतों के आधार पर कोतवाली थाने में 27 अप्रैल को एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश को आगे बढ़ाया गया।
एक साथी पहले ही चढ़ा था हत्थे, दूसरा चल रहा था फरार
पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज होने के बाद इस गिरोह के एक सदस्य नरेंद्र सैनी को पहले ही गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया था। वहीं, इस पूरे खेल का मुख्य मोहरा और दूसरा आरोपी गणेश उर्फ दिलखुश (24), जो कुश्तला का रहने वाला था, पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। पुलिस की टीमें लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थीं और आखिरकार तकनीकी विश्लेषण तथा मुखबिरों की सूचना पर उसे बारां जिले से धर-दबोचा गया।
सोशल मीडिया से जुटाता था कुंडली, आवाज बदलकर करता था फोन
पूछताछ और जांच में आरोपी के काम करने के अनोखे तरीके (मोडस ऑपेरंडी) का खुलासा हुआ है। आरोपी गणेश सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर ऐसी पोस्ट ढूंढता था जहां लोगों ने अपने पारिवारिक समारोहों की तस्वीरें साझा की हों। वहां से वह रिश्तेदारों और परिवार के आपसी संबंधों की पूरी जानकारी निकाल लेता था। इसके बाद वह लड़की की आवाज निकालकर 'साली' के रूप में बात करता था ताकि सामने वाले को कोई शक न हो। जब पीड़ित को पूरी तरह रिश्तेदारी का भरोसा हो जाता, तो वह किसी न किसी बहाने से क्यूआर कोड या बैंक ट्रांसफर के जरिए मोटी रकम ऐंठ लेता था। फिलहाल पुलिस उच्च अधिकारियों के मार्गदर्शन में आरोपी से सघन पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों और ठगी की रकम का पता लगाया जा सके।









