कोलकाता | तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पश्चिम बंगाल सीआईडी (CID) ने उन्हें एक आधिकारिक नोटिस जारी कर आगामी 1 जून को दोपहर 12 बजे भवानी भवन स्थित सीआईडी मुख्यालय में हाजिर होने का निर्देश दिया है। शनिवार को इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सीआईडी के पांच अधिकारियों की एक विशेष टीम कोलकाता के कालीघाट इलाके में स्थित अभिषेक बनर्जी के निजी आवास पर पहुंची और उन्हें यह समन व्यक्तिगत रूप से तामील कराया।
सीआईडी अधिकारियों को खुद ढूंढना पड़ा पता, नोटिस मिलने पर बोले टीएमसी नेता
इस अचानक हुए घटनाक्रम और नोटिस मिलने के बाद सांसद अभिषेक बनर्जी ने बेहद सहज अंदाज में अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि सीआईडी के अधिकारियों को यह कानूनी नोटिस सीधे उनके हाथों में सौंपना था, यही वजह थी कि वे अपने निवास स्थान पर ही उनका इंतजार कर रहे थे। बनर्जी ने मुस्कुराते हुए यह भी जोड़ा कि अधिकारियों को शुरुआत में उनके घर के सही पते की सटीक जानकारी नहीं थी, जिसके कारण वे भटककर पहले किसी दूसरी लोकेशन पर चले गए थे, लेकिन बाद में सही पते पर पहुंचकर उन्होंने समन सौंप दिया।
जांच एजेंसियों की बढ़ती संख्या पर उठाए सवाल, बोले- अब तीन के बजाय पीछे पड़ी हैं पांच एजेंसियां
अपने खिलाफ चल रही कानूनी कार्यवाहियों और दर्ज प्राथमिकियों (FIR) पर तीखा पलटवार करते हुए टीएमसी नेता ने देश और राज्य की जांच एजेंसियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि समय के साथ उनके पीछे लगाई गई जांच एजेंसियों का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। बनर्जी के अनुसार, पहले केवल प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) जैसी केंद्रीय एजेंसियां ही सक्रिय थीं, लेकिन अब इस फेहरिस्त में बंगाल पुलिस, कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम (KMC) को भी शामिल कर लिया गया है। इस तरह अब उनके खिलाफ कुल पांच-पांच एजेंसियां काम कर रही हैं।
दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकने का एलान, विरोधियों को दी सात जन्मों की चुनौती
अभिषेक बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि इस प्रकार की घेराबंदी का मुख्य उद्देश्य उन पर मानसिक और राजनीतिक दबाव बनाना है, लेकिन वे ऐसी रणनीतियों के आगे कभी घुटने नहीं टेकेंगे। उन्होंने बेहद आक्रामक लहजे में विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा, "अगर किसी को लगता है कि मेरे पीछे 5 या 6 एजेंसियां लगाकर मुझे डराया या झुकाया जा सकता है, तो यह उनकी भूल है। मैं उस मिट्टी का नहीं बना हूं। कोई चाहे मेरा गला काट दे या कुछ भी कर ले, मुझे परास्त करने या झुकाने के लिए विरोधियों को दस बार सोचना होगा और इसके लिए उन्हें सात जन्म लेने पड़ेंगे। मैं अपनी पार्टी और जनता से गद्दारी करने वालों में से नहीं हूं।"









