भोपाल: राजधानी भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय 'इंदिरा भवन' में आज मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी और जिला अध्यक्षों की एक बेहद महत्वपूर्ण और संगठनात्मक बैठक संपन्न हुई। इस महामंथन में प्रदेश के आदिवासी समाज से जुड़े समसामयिक मुद्दों, उनके संवैधानिक अधिकारों की रक्षा, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और उनके साथ हो रहे कथित अन्याय के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने की रणनीति बनाई गई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार पर आदिवासियों की जमीनें निजी हाथों में बेचने का बेहद गंभीर आरोप लगाया।
बैठक में जुटे कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता
आदिवासी कांग्रेस के इस बड़े शक्ति प्रदर्शन में प्रदेश के तमाम शीर्ष कांग्रेसी नेता एक मंच पर नजर आए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, सीडब्ल्यूसी (CWC) सदस्य कमलेश्वर पटेल, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, सुखदेव पांसे, पी.सी. शर्मा, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और प्रकोष्ठ प्रभारी महेंद्र सिंह चौहान समेत कई वरिष्ठ विधायक और पदाधिकारी मौजूद रहे।
NCRB के आंकड़ों का हवाला देकर सरकार को घेरा
"बैठक को संबोधित करते हुए पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़े पेश करते हुए शिवराज-मोहन सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज आदिवासियों पर होने वाले अत्याचार के मामलों में मध्य प्रदेश पूरे देश में नंबर वन पर आ चुका है। सूबे का आदिवासी वर्ग सबसे ज्यादा प्रताड़ित है; उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है और उनकी पैतृक जमीनों पर माफिया कब्जा कर रहे हैं, लेकिन कांग्रेस मूकदर्शक नहीं बनी रहेगी।"
"पिछले 25 सालों में बेची गई 1 लाख 26 हजार हेक्टेयर आदिवासी जमीन"
जीतू पटवारी ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि जल, जंगल और जमीन का असली मालिक सिर्फ आदिवासी समाज है। उन्होंने आरोप लगाया, "मध्य प्रदेश सरकार ने दिल्ली के आकाओं के साथ मिलकर पिछले 25 वर्षों में प्राइवेट उद्योगपतियों और रसूखदारों को 1 लाख 26 हजार हेक्टेयर वो जमीन बेच दी जो आदिवासियों के हक की थी। इस महाघोटाले के खिलाफ आदिवासी कांग्रेस और मुख्य कांग्रेस पार्टी मिलकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी।"
ग्राउंड जीरो पर जाकर निर्णायक जंग लड़ेगी कांग्रेस
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि प्रदेश के जिन-जिन जिलों में आदिवासियों की जमीनों का जबरन अधिग्रहण किया जा रहा है, वहां पार्टी जमीनी स्तर पर मोर्चा खोलेगी।
इन जिलों पर फोकस: सिंगरौली, उमरिया, झाबुआ, रतलाम, छतरपुर, पन्ना और धार जैसे आदिवासी बहुल जिलों में कांग्रेस बड़े आंदोलन की तैयारी में है।
बनाई गई विशेष त्रिमूर्ति: जीतू पटवारी ने बताया कि इस निर्णायक लड़ाई की पूरी रणनीति आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और CWC सदस्य कमलेश्वर पटेल के संयुक्त नेतृत्व में तैयार की जाएगी। कांग्रेस का संकल्प स्पष्ट है कि आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकारों और न्याय के लिए हर स्तर पर पूरी ताकत झोंक दी जाएगी।









