जबलपुर: भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को गोटेगांव इलाके में एक हल्का पटवारी को ₹5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। लोकायुक्त अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी पटवारी ने यह रिश्वत एक जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन) की फाइल आगे बढ़ाने के बदले मांगी थी। यह रकम घूस की पहली किश्त के तौर पर दी जा रही थी। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के पास से रिश्वत के पैसे बरामद कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
10 हजार रुपये की मांगी गई थी घूस
लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले ने इस सफल कार्रवाई का ब्योरा देते हुए बताया:
गोटेगांव के पड़रिया पोस्ट के रहने वाले शिकायतकर्ता संदीप कुमार सिंह की माता ममता देवी ने 29 अप्रैल को ग्राम मुआर (तहसील गोटेगांव) में 7 एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी।
इस जमीन का नामांतरण करने के एवज में हल्का पटवारी घनश्याम गढ़वाल ने पीड़ित से ₹10,000 की मांग की थी।
परेशान होकर आवेदक ने इस बात की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर से की थी। शिकायत की गोपनीय जांच और सत्यापन के दौरान आरोपी पटवारी पहली किश्त के रूप में ₹5,000 लेने के लिए राजी हो गया।
अपने निजी दफ्तर में रिश्वत लेते पकड़ा गया आरोपी
योजना के मुताबिक, 1 जून 2026 को आरोपी पटवारी घनश्याम गढ़वाल (हल्का नंबर 41) ग्राम मुरदई के टीला स्थित अपने एक प्राइवेट ऑफिस में जैसे ही आवेदक से ₹5,000 की नकदी ले रहा था, तभी पहले से जाल बिछाकर बैठी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। कैमिकल टेस्ट में आरोपी के हाथ भी गुलाबी हो गए।
इस पूरी ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देने वाली लोकायुक्त की विशेष टीम में टीएलओ निरीक्षक राहुल गजभिए और निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय का अन्य स्टाफ शामिल रहा। इस कार्रवाई के बाद से नरसिंहपुर और गोटेगांव के राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है।









