पश्चिम बंगाल से बिहार लाया गया बदमाश भोला सिंह, सूरत से गिरफ्तारी के बाद आज कोर्ट में होगी पेशी

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पटना | बिहार के पटना जिले के पंडारक का रहने वाला कुख्यात गैंगस्टर और तीन लाख रुपये का इनामी अपराधी भोला सिंह आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने उसे बीती 16 मई को गुजरात के सूरत से दबोचा था, जिसके बाद उसे बंगाल के रास्ते ट्रेन द्वारा हाथीदह स्टेशन लाया गया। वहां से कड़े सुरक्षा घेरे में सड़क मार्ग से उसे बाढ़ थाना पहुंचाया गया है, जहां अदालत खुलने के बाद आज उसकी पेशी की जाएगी।

पहचान बदलकर काट रहा था फरारी, अपहरण केस में हुई गिरफ्तारी

सीबीआई ने भोला सिंह को पश्चिम बंगाल के दो नागरिकों के अपहरण से जुड़े एक दशक से भी ज्यादा पुराने मामले में गिरफ्तार किया है। वह पिछले 12 सालों से कानून की आंखों में धूल झोंककर सूरत में 'गौतम' और 'अमित शर्मा' जैसे फर्जी नामों से छिपकर रह रहा था। बिहार के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ मर्डर और जबरन वसूली (रंगदारी) जैसे 11 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस से बचने के लिए वह लगातार ठिकाने बदल रहा था, जिसके कारण सरकार ने उस पर और उसके भाई मुकेश सिंह पर 3 लाख रुपये का इनाम रखा था। हालांकि, उसके भाई ने पहले ही कोर्ट में सरेंडर कर दिया था।

कमांडो ट्रेनिंग लेने वाला देश का जवान ऐसे बना बिहार का बाहुबली

अपराध के दलदल में धंसने से पहले भोला सिंह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में एक सम्मानित जवान था, जहां उसने बाकायदा कमांडो की कठिन ट्रेनिंग भी हासिल की थी। पिछले 20 सालों से अपराध की दुनिया में दबदबा रखने वाले भोला सिंह की कहानी बिहार के पूर्व बाहुबली विधायक अनंत सिंह के साथ गहरे रिश्तों और बाद में पैदा हुई दुश्मनी के इर्द-गिर्द घूमती रही है। उस पर विवेका पहलवान के भाई संजय सिंह की हत्या करने का भी संगीन आरोप है।

चर्चित AK-47 कांड, मुखिया और पुलिसकर्मियों की हत्या से कनेक्शन

भोला सिंह का नाम बिहार के सबसे चर्चित आपराधिक घटनाक्रमों से जुड़ा रहा है। साल 2019 में जब पूर्व विधायक अनंत सिंह के पैतृक घर पर छापेमारी कर एक AK-47 राइफल जब्त की गई थी, तो उसके पीछे पुलिस को मिला वह इनपुट था जिसमें भोला सिंह को जान से मारने की साजिश रची जा रही थी। इसी मामले में पूर्व विधायक को 10 साल की जेल हुई थी। इसके अलावा, साल 2021 में पंडारक पूर्वी के मुखिया प्रियरंजन कुमार उर्फ गोरेलाल और पंडारक थाने के दो पुलिस अधिकारियों (राजेश कुमार और लाल बहादुर) की सनसनीखेज हत्याओं में भी भोला सिंह का नाम मुख्य रूप से सामने आया था।