गाइडलाइन की धज्जियां उड़ाने वाले स्पा सेंटरों पर बड़ी कार्रवाई: छापेमारी में 14 लोग दबोचे, चार सेंटर सील

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जयपुर | पुलिस आयुक्तालय ने गैर-कानूनी ढंग से चलाए जा रहे स्पा सेंटरों और उनकी आड़ में होने वाले अनैतिक देह व्यापार के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। इसी कार्रवाई के अंतर्गत जवाहर सर्किल थाना इलाके में पुलिस की विशेष टीमों ने औचक दबिश दी, जहां नियमों की धज्जियां उड़ा रहे चार स्पा सेंटरों पर बड़ी कार्रवाई की गई। इस छापेमारी में पुलिस ने सात युवतियों और सात युवकों समेत कुल चौदह लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा एक सौ सत्तर के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।

पुलिस कमिश्नर के आदेश पर बनी विशेष टीम, चार केंद्रों पर कार्रवाई

पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल द्वारा शहर के सभी मसाज और स्पा पार्लरों पर सख्त निगरानी रखने के आदेशों के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई। इसके लिए जयपुर पूर्व की पुलिस उपायुक्त रंजीता शर्मा की देखरेख और सहायक पुलिस आयुक्त विनोद शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने जवाहर सर्किल थाना प्रभारी महेश चंद्र के साथ मिलकर पूरे इलाके की घेराबंदी की। महिला पुलिसकर्मियों को साथ लेकर जब टीम ने संदिग्ध ठिकानों की सघन तलाशी ली, तो चार स्पा सेंटरों में भारी अनियमितताएं और संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं, जिसके बाद वहां मौजूद स्टाफ और ग्राहकों को गिरफ्तार कर लिया गया।

चेतावनी के बाद भी नहीं सुधरे संचालक, गाइडलाइन का उल्लंघन जारी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, दो दिन पहले ही जवाहर सर्किल क्षेत्र में सक्रिय लगभग सैंतीस स्पा संचालकों की बैठक बुलाकर उन्हें पुलिस आयुक्तालय द्वारा जारी कड़े नियमों की लिखित जानकारी दी गई थी। संचालकों को साफ शब्दों में आगाह किया गया था कि यदि नियमों की अनदेखी की गई, तो उनके केंद्रों को सील कर कानूनी कार्रवाई होगी। इस कड़ी चेतावनी के बावजूद कई केंद्रों में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद पुलिस ने औचक निरीक्षण कर इन मनचले संचालकों और उनके केंद्रों पर शिकंजा कसा।

अब तक पचपन लोग गिरफ्तार, सख्त नियमों का पालन करना अनिवार्य

इस विशेष धरपकड़ अभियान के तहत जयपुर पुलिस अब तक विभिन्न स्पा सेंटरों से कुल पचपन लोगों को जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पुलिस प्रशासन ने सभी संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे अनिवार्य रूप से ग्राहकों के असली पहचान पत्र दर्ज करें, पुरुष और महिला थेरेपिस्ट के केबिन अलग रखें, कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) और उनके वैध ट्रेनिंग सर्टिफिकेट काउंटर पर रखें। पुलिस ने साफ कर दिया है कि स्पा की आड़ में किसी भी तरह की संदिग्ध या अनैतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और मानकों का उल्लंघन करने वाले सेंटरों के खिलाफ आगे भी इसी तरह के कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे।