बेटी-बहू का दावा: जो चलने-फिरने में असमर्थ, वह हत्यारा कैसे बन गया?

0
7

मेरठ / हापुड़: खरखौदा में पैतृक जमीन के टकराव में हापुड़ के रहने वाले 24 वर्षीय युवक तुषार त्यागी की निर्मम हत्या के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। मुख्य आरोपी और युवक के पिता सुंदर त्यागी के बारे में पता चला है कि वह पिछले दो दशकों से अपना घर-बार छोड़कर देहरादून में रह रहा था। वहां उसने अपनी असली पहचान छिपाकर 'विकास सुमन' नाम रख लिया था और जमीन-जायदाद की खरीद-फरोख्त का काम करने लगा था। शुरुआती जांच के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल की गई थार गाड़ी और लाइसेंसी पिस्टल भी इसी फर्जी नाम से रजिस्टर्ड हैं।

सोमवार आधी रात को मृतक की बहन ने पुलिस को अपने पिता द्वारा भाई की हत्या किए जाने की सूचना दी थी। इसके बाद मृतक की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने दो अन्य आरोपियों, अरविंद त्यागी उर्फ बिट्टू त्यागी और तरुण त्यागी के खिलाफ केस दर्ज किया था। घटना वाले दिन तुषार को किसी ने फोन कर बुलाया था, जिसके बाद उसने अपनी पत्नी को फोन पर अंदेशा जताया था कि कुछ लोग उसे सुनसान जगह पर ले जा रहे हैं और उसकी जान को खतरा है। बाद में उसका शव मेरठ-बुलंदशहर हाईवे के पास गाड़ी से मिला। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी सुंदर त्यागी और उसके देहरादून निवासी साथी अमित वेदवान को गिरफ्तार कर लिया है।

जमीन बेचने के विवाद में गई जान

पूछताछ के दौरान आरोपी पिता ने कबूला कि गांव में उनके पास कुल 36 बीघा जमीन है। इसमें से 15 बीघा जमीन उसकी मां (मृतक की दादी) के नाम पर है। तुषार इसी हिस्से को बेचने की कोशिश कर रहा था, जिसका पिता विरोध कर रहा था। इसी पारिवारिक कलह के चलते उसने अपने ही बेटे को रास्ते से हटा दिया।

देहरादून में सबूत तलाश रही पुलिस, दो आरोपी अब भी फरार

वारदात में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी और अन्य सबूत जुटाने के लिए पुलिस की एक टीम देहरादून पहुंच चुकी है। हालांकि, घटना में प्रयुक्त लाइसेंसी पिस्टल अभी बरामद होना बाकी है, जिसे आरोपी ने हत्या के बाद देहरादून की एक दुकान में जमा करा दिया था। पुलिस ने आरोपियों को साथ ले जाकर क्राइम सीन का रीcreation भी किया है। वहीं, मामले के दो अन्य नामजद आरोपी बिट्टू और तरुण अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।

परिजनों ने पुलिस की थ्योरी पर उठाए सवाल

बुधवार को मृतक की पत्नी और बहन ने थाने पहुंचकर पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताया। उनका कहना है कि सुंदर त्यागी गंभीर रूप से बीमार हैं, उनके पेट में पानी भरा है और वे बिना सहारे के चल भी नहीं सकते। ऐसे में वह अकेले इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दे सकते। परिजनों का आरोप है कि इस पूरी साजिश के पीछे असली मास्टरमाइंड अरविंद उर्फ बिट्टू त्यागी है और पुलिस असली गुनहगार को बचा रही है।

पहचान बदलकर दूसरी महिला के साथ रह रहा था आरोपी

मृतक की बहन ने यह भी बताया कि उसका पिता देहरादून में किसी दूसरी महिला के साथ रह रहा था। गिरफ्तार किया गया दूसरा आरोपी अमित अक्सर तुषार की बात उसके पिता से करवाता था और उसे देहरादून ले जाकर करोड़ों की संपत्ति भी दिखाता था। वहां सुंदर त्यागी अपने ही बेटे और परिवार को 'भाई का परिवार' बताकर मिलवाता था। पुलिस अब थार गाड़ी और पिस्टल के दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है ताकि फर्जी पहचान के पीछे का पूरा सच सामने आ सके।