बाबा महाकाल का बुलावा: दो महीने में दूसरी बार उज्जैन पहुंचीं मशहूर गुजराती गायिका किंजल दवे

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उज्जैन: विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल के दरबार में रविवार तड़के दो जाने-माने चेहरे भक्ति के रंग में रंगे नजर आए. गुजराती संगीत जगत की मशहूर गायिका किंजल दवे और जानी-मानी फिल्म अभिनेत्री मोनल गज्जर तड़के होने वाली भगवान महाकाल की भव्य भस्म आरती में शामिल होने उज्जैन पहुंचीं. दोनों कलाकारों ने पूरे नियमों और श्रद्धा भाव के साथ बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन किया और मंदिर परिसर में कुछ समय बिताकर आध्यात्मिक शांति का अनुभव किया.

नंदी हॉल में बैठकर किए भस्म आरती के दर्शन

सुबह करीब चार बजे मंदिर परिसर पहुंचीं किंजल दवे और मोनल गज्जर ने नंदी हॉल में बैठकर विशेष रूप से होने वाली भस्म आरती के दर्शन किए. लगभग दो घंटे तक चले इस दिव्य और भव्य अनुष्ठान के दौरान दोनों ही कलाकार पूरी तरह शिव की भक्ति में लीन दिखाई दीं. आरती संपन्न होने के बाद उन्होंने गर्भगृह के पास से भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर आशीर्वाद लिया. इस दौरान मंदिर प्रबंधन की ओर से दोनों खास मेहमानों का स्वागत किया गया और उन्हें बाबा का पवित्र प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया गया.

सादगी ने जीता फैंस का दिल, श्रद्धालुओं में दिखा उत्साह

वैसे तो महाकाल मंदिर की भस्म आरती को देखने के लिए देश-विदेश से राजनेता, खिलाड़ी और फिल्मी सितारे आते रहते हैं, लेकिन रविवार सुबह किंजल दवे और मोनल गज्जर की मौजूदगी ने वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. खास बात यह रही कि दोनों ही सेलिब्रिटी बेहद सादगी भरे पारंपरिक पहनावे में मंदिर पहुंची थीं. उन्होंने आम भक्तों की तरह ही पूरे धार्मिक माहौल का सम्मान किया. मंदिर परिसर में मौजूद कई प्रशंसकों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं, जिसके लिए उन्होंने सहजता से सहमति दी.

बाबा महाकाल के दर पर आकर मिली असीम शांति

भस्म आरती और दर्शन के बाद बातचीत के दौरान गायिका किंजल दवे ने अपनी खुशी जाहिर की. उन्होंने बताया कि पिछले दो महीनों में यह उनका दूसरा उज्जैन दौरा है और बाबा महाकाल का बुलावा आना उनके लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है. उन्होंने कहा कि यहाँ आकर उन्हें जो मानसिक और आध्यात्मिक शांति मिलती है, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. वहीं अभिनेत्री मोनल गज्जर भी बाबा की भक्ति में डूबी नजर आईं. मोनल पहले भी कई बार उज्जैन आ चुकी हैं और बाबा महाकाल के प्रति उनकी गहरी आस्था है. 'महाकाल लोक' के भव्य निर्माण के बाद से वैसे भी उज्जैन में धार्मिक पर्यटन काफी बढ़ गया है और युवा पीढ़ी भी अपनी संस्कृति की ओर आकर्षित हो रही है.