जयपुर: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर आम जनता की समस्याओं के जल्द और असरदार समाधान के लिए राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारी लगातार एक्शन में हैं। इसी कड़ी में सोमवार को राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी (आरएसएचएए) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) हरजी लाल अटल ने शासन सचिवालय स्थित 'राजस्थान संपर्क 181 कॉल सेंटर' का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आम लोगों की शिकायतों और उनके निपटारे की मौजूदा स्थिति की बारीकी से समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
स्वास्थ्य योजनाओं की शिकायतों पर खास नजर
निरीक्षण के दौरान हरजी लाल अटल ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की श्रेणियों, उनके समाधान में लगने वाले औसत समय और जनता के संतुष्टि प्रतिशत की गहन जांच की। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस), मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना (मां योजना), स्वास्थ्य बीमा लाभ, अस्पतालों की कार्यप्रणाली और तकनीकी दिक्कतों से जुड़े मामलों पर अधिकारियों से विस्तार से चर्चा की।
अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं, समय पर हो भुगतान
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सख्त निर्देश दिए कि आरजीएचएस (RGHS) के तहत मिलने वाले भुगतान और पुनर्भुगतान (रीइम्बर्समेंट) के मामलों को तय समय सीमा के भीतर ही निपटाया जाए, ताकि मरीजों और उनके परिवारों को पैसों के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य से जुड़े मामले सीधे तौर पर इंसानी जिंदगी और आमजन के हितों से ताल्लुक रखते हैं, इसलिए इनके समाधान में थोड़ी भी लापरवाही नहीं होनी चाहिए और अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता तथा तत्परता से काम करना होगा।
जनाधार श्रेणी सुधारने के लिए दें सही मार्गदर्शन
उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, संविदा कर्मियों और कोविड प्रभावित परिवारों जैसे पात्र लाभार्थियों को समय पर इलाज और लाभ सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ध्यान दिलाया कि पात्रता से जुड़ी ज्यादातर शिकायतें जनाधार कार्ड में गलत श्रेणी दर्ज होने के कारण आती हैं। ऐसे में कॉल सेंटर के कर्मचारी शिकायतकर्ताओं को सही श्रेणी अपडेट कराने के लिए सही और आसान मार्गदर्शन प्रदान करें। साथ ही, उन्होंने तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए आईटी (IT) सिस्टम को और मजबूत करने पर बल दिया।
अधिकारी ने खुद फोन मिलाकर लिया जनता से फीडबैक
समीक्षा करने के बाद हरजी लाल अटल ने खुद कॉल सेंटर की कमान संभाली और कंप्यूटर स्क्रीन पर लंबित शिकायतों को देखकर सीधे पीड़ित जनता से फोन पर बात की:
उन्होंने योजना के लाभार्थी उज्जवल से बात कर उन्हें भुगतान की सही प्रक्रिया समझाई।
प्रार्थी भीमसेन को बीमा पॉलिसी की श्रेणी बदलने की शिकायत पर बताया कि जनाधार कार्ड में सुधार होते ही उन्हें योजना का लाभ मिलने लगेगा।
अस्पताल द्वारा इलाज न मिलने की शिकायत करने वाले भोमचंद की बात सुनकर उन्होंने संबंधित अस्पताल के खिलाफ तुरंत कड़ा एक्शन लेने के निर्देश दिए।
इसके अलावा उन्होंने फतह, नवरत्न और संतोष देवी से उनकी शिकायतों पर फीडबैक लिया, जबकि सुरेश और ऋषभ को आरजीएचएस के तहत बकाया मेडिकल क्लेम का भुगतान जल्द से जल्द कराने का भरोसा दिया।
जवाबदेही और पारदर्शिता पर सरकार का जोर
श्री अटल ने अंत में कहा कि 'राजस्थान संपर्क पोर्टल' जनता और सरकार के बीच भरोसे की एक मजबूत कड़ी है। शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण निपटारा होने से ही सरकारी व्यवस्था में आम आदमी का विश्वास मजबूत होता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को हिदायत दी कि हर शिकायत का समाधान पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए और शिकायतकर्ता को उसके केस की पल-पल की प्रगति (स्टेटस) की जानकारी भी मैसेज या कॉल के जरिए दी जाती रहे।









