भारत बन रहा ग्लोबल फार्मा हब, इसमें म.प्र. की बड़ी भूमिका : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज पूरी दुनिया में 'फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड' के रूप में अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। वर्तमान में दुनिया भारत को केवल एक बड़े बाजार के रूप में ही नहीं, बल्कि एक भरोसेमंद उत्पादन केंद्र, वैश्विक सप्लाई चेन पार्टनर और आर्थिक महाशक्ति के रूप में भी देख रही है। उन्होंने कहा कि भारत को 'ग्लोबल फार्मा हब' बनाने में मध्यप्रदेश की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। मध्यप्रदेश आज हर क्षेत्र में निवेश के नये युग में प्रवेश कर आर्थिक एवं औद्योगिक विकास का नया अध्याय लिख रहा है। हेलियन कंपनी ने भारत में पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए मध्यप्रदेश के पीथमपुर को चुना है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की भूमि सफलता की धरती भी है। मध्यप्रदेश सरकार और हेलियन कंपनी के बीच आज परस्पर विश्वास की और असीम संभावनाओं की नई शुरूआत हो रही है। उन्होंने कहा कि हमारी औद्योगिक नीतियों के कारण देश-दुनिया सभी मध्यप्रदेश पर भरोसा कर रहे है। सबका यही विश्वास ही हमारी पूंजी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को पीथमपुर में स्थापित होने जा रही हेलियन ग्रुप की पहली मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के भूमि-पूजन समारोह (वर्चुअल ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रिमोट का बटन दबाकर कंपनी की नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का सांकेतिक भूमि-पूजन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नए दौर का मध्यप्रदेश है। हमारा प्रदेश अब आत्मनिर्भर बन रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश के इच्छुक सभी निवेशकों को उद्योग स्थापना से लेकर उत्पादन प्रारंभ होने तक हर स्तर पर राज्य सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। बताया गया कि हेलियन ग्रुप की इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के माध्यम से करीब 1000 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंपनी द्वारा इस प्लांट में 30 प्रतिशत तक महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखने की सराहना करते हुए कहा कि यह हमारी सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को और भी मजबूती देगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक भूमि-पूजन अवसर पर हेलियन ग्रुप को बधाई देते हुए कहा कि सरकार हर कदम पर आपके सहयोग के लिए साथ खड़ी है। कंपनी ने मध्यप्रदेश में तात्कालिक तौर पर 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी की मध्यप्रदेश में निवेश राशि 2 हजार करोड़ रुपये से 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हेलियन कंपनी सहित अन्य निवेशकों का मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए उन्हें बिना किसी संकोच के खुले हृदय से म.प्र. में निवेश के लिए आमंत्रित किया।

अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेन्द्र कुमार सिंह, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड चंद्रमौली शुक्ला, हेलियन ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ब्रायन मैकनामारा, हेलियन इंडिया के अध्यक्ष (भारतीय उप महाद्वीप) केदार लेले, पश्चिमी भारत के लिए ब्रिटिश उप उच्चायुक्त हरजिंदर कांग, हेलियन इंडिया की चीफ सप्लाई चेन ऑफिसर श्रीमती नम्रता पटेल, हेलियन इंडिया के कार्यपालिक उपाध्यक्ष नितिन माथुर, हेलियन इंडिया की संचालक (कॉर्पोरेट अफेयर्स एण्ड सीएसआर) सुवेदिका कपूर तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कंपनी के सीईओ ब्रायन का अंगवस्त्रम् के साथ प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया। ब्रायन ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मध्यप्रदेश सरकार से कंपनी को मिल रहे सहयोग के लिए आभार जताकर स्मृति चिन्ह प्रदान किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत मात्रा के आधार पर दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फार्मा उत्पादक देश है। यहां 3 हजार से अधिक कम्पनियां और 10 हजार 500 से अधिक विनिर्माण इकाइयां दवाओं का उत्पादन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 300 से अधिक फार्मा कम्पनियां तथा 30 से अधिक एपीआई और बल्क ड्रग्स निर्माता सक्रिय हैं। इनके द्वारा निर्मित दवाएं अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका के अनेक देशों में निर्यात हो रही हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में 75 से अधिक मेडिकल डिवाइस यूनिट्स सक्रिय हैं। राज्य के कुल निर्यात में फार्मा सेक्टर का लगभग 20 प्रतिशत योगदान है। मध्यप्रदेश अब केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि एक स्थापित ग्लोबल एक्सपोर्ट हब बन चुका है। प्रदेश में इंदौर, पीथमपुर, मंडीदीप, भोपाल, देवास और उज्जैन के औद्योगिक क्षेत्र फार्मा मैनुफैक्चरिंग क्लस्टर्स के रूप में विकसित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2024 में यूनाइटेड किंगडम (यूके) में हुए ‘इन्वेस्ट इन एमपी रोड शो' के दौरान बोया गया निवेश का बीज आज पीथमपुर में अपना वास्तविक स्वरूप ले रहा है। हेलियन ने भारत में अपनी पहली मैन्युफैक्चरिंग इकाई की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश (पीथमपुर) का चयन किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने यकीनन अपनी नई यूनिट के लिए देश के सबसे सूटेबल और प्रोफ़िटेबल डेस्टिनेशन को चुना है।

कार्यक्रम में कंपनी के सीईओ ब्रायन ने कहा कि यह हमारी भारत में पहली यूनिट है। हम मध्यप्रदेश आकर बेहद खुश है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और मध्यप्रदेश भारत का सबसे तेजी से उभरता हुआ राज्य है। यह यूनिट हमारे इंडिया विजन का धरातल पर क्रियान्वयन है। उन्होंने कहा कि फिलहाल कंपनी ने मध्यप्रदेश में 175 मिलियन पाउंड्स का निवेश किया है। हम सेन्ट्रल इंडिया के लॉजिस्टिक हब मध्यप्रदेश (पीथमपुर) में अपनी यूनिट का और विस्तार करेंगे।

कंपनी के भारतीय उपमहाद्वीप के अध्यक्ष लेले ने कहा कि हमारी कंपनी ने दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा प्लांट मध्यप्रदेश में लगाया है। पीथमपुर में हमारी नई यूनिट की स्थापना सिर्फ एक संयोग नही, बल्कि यह पिछले 18 महीनों में मध्यप्रदेश सरकार के साथ लगातार बातचीत और उच्च कोटि समन्वय का परिणाम है। हम यहां पूरी तैयारी के साथ आये हैं। करीब 40 एकड़ में बन रही हमारी यह नई यूनिट कंपनी के ग्लोबल सप्लाई चेन की सबसे बड़ी यूनिट है।

हेलियन कंपनी और नई मैन्युफैक्चरिंग इकाई के बारे में

हेलियन विश्व की अग्रणी कंज्यूमर हेल्थकेयर कंपनियों में से एक है। यह 170 से अधिक देशों में अपनी उपस्थिति रखती है। कंपनी ओरल हेल्थ, डाइजेस्टिव हेल्थ, पेन रिलीफ एंड रेस्पिरेटरी (पीआरएस) और विटामिन्स, मिनरल्स एंड सप्लीमेंट्स जैसे प्रोडक्ट्स का निर्माण करती है। पीथमपुर के स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में 40 एकड़ से अधिक क्षेत्र में विकसित होने वाली इस कंपनी की अत्याधुनिक उत्पादन इकाई मुख्य रूप से ओरल हेल्थ उत्पादों के निर्माण पर केंद्रित होगी। यहां निर्मित उत्पाद भारत की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ एशिया-प्रशांत, मध्य-पूर्व और अफ्रीका के अनेक देशों तक निर्यात किए जाएंगे। इस परियोजना से स्थानीय एमएसएमई इकाइयों, सप्लायर नेटवर्क, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक उद्योगों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे।