सीकर। राजस्थान के सीकर जिले के रींगस थाना इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां स्थानीय पुलिस ने एक युवती को अपने जाल में फंसाकर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले एक वांछित अपराधी को दबोचने में कामयाबी हासिल की है। आरोपी ने पीड़िता को धार्मिक स्थल पर ले जाकर ईश्वर के दर्शन कराने का झांसा दिया था और इसी बहाने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस प्रशासन ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
थाने से मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए आरोपी की पहचान अजय सेपट के रूप में हुई है, जो धोली-सामोद इलाके का निवासी है। आरोपी ने पहले पीड़िता से जान-पहचान बढ़ाकर उसका भरोसा जीता और फिर उसे प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन कराने के बहाने अपनी गाड़ी में बिठाया। मंदिर ले जाने के बजाय वह युवती को कार से जयपुर की तरफ ले गया, जहां उसने सुनसान रास्ते पर गाड़ी खड़ी करके पीड़िता की मर्जी के खिलाफ कार के भीतर ही उसके साथ अनाचार किया।
भय दिखाकर विवाह के दस्तावेजों पर लिए हस्ताक्षर
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपी ने केवल दुष्कर्म ही नहीं किया, बल्कि वारदात के बाद युवती को गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी भी दी। उसने पीड़िता को मानसिक रूप से डराया-धमकाया और एक सोची-समझी साजिश के तहत कानूनी रूप से फंसने से बचने के लिए धोखे से शादी के कुछ कागजातों पर उसके जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी लगातार फरार चल रहा था और पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए अपने ठिकाने बदल रहा था।
कानूनी शिकंजे के खौफ से गटका विष
युवती की तहरीर पर रींगस थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश के लिए टीमें रवाना कीं। पुलिसिया दबिश और संभावित गिरफ्तारी के डर से घबराकर आरोपी ने कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए किसी जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार हुआ। चिकित्सालय से छुट्टी मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने उसे अपनी हिरासत में ले लिया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने आरोपी को भेजा जेल
अदालत ने अपराध की गंभीरता और पुलिस द्वारा पेश किए गए प्राथमिक साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी अजय सेपट को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का फरमान सुना दिया। स्थानीय पुलिस अब इस पूरे मामले में पीड़िता के बयान दर्ज कराने, घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार करने और अन्य फॉरेंसिक व दस्तावेजी साक्ष्यों को मजबूत करने की कानूनी कागजी कार्रवाई में जुटी हुई है ताकि आरोपी को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके।









