जैसलमेर। सीमावर्ती जिले के खुहड़ी थाना अंतर्गत हुए बहुचर्चित महावीर सिंह हत्याकांड में जिला पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों द्वारा लगातार दिए जा रहे धरने और भारी जनाक्रोश के बीच पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर मुख्य मास्टरमाइंड हमीर सिंह समेत अब तक कुल 12 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई एक गाड़ी को भी बरामद कर लिया गया है, जबकि इस खूनी खेल में शामिल अन्य फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
रास्ते से अगवा कर बेरहमी से उतारा मौत के घाट
यह रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात बीती 9 जून की है। म्याजलार क्षेत्र के रहने वाले महावीर सिंह अपने एक मित्र भोपाल सिंह के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने पैतृक गांव की तरफ आ रहे थे। तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे बोलेरो कैंपर और अन्य गाड़ियों में सवार हमलावरों ने उनकी बाइक को जबरन रुकवा लिया और दोनों का अपहरण कर लिया। बदमाशों ने कुछ दूर जाने के बाद भोपाल सिंह को तो रास्ते में ही छोड़ दिया, लेकिन महावीर सिंह को अपने साथ किसी सुनियोजित स्थान पर ले गए। वहां उन्होंने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से महावीर सिंह की इतनी बेरहमी से पिटाई की कि वे लहूलुहान हो गए। इसके बाद मरणासन्न हालत में उन्हें सड़क किनारे फेंककर आरोपी फरार हो गए, जिन्होंने बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मोर्चरी के बाहर प्रदर्शन और पुलिसिया घेराबंदी
इस निर्मम हत्या की खबर फैलते ही पूरे सीमांत इलाके में तनाव और गहरा रोष व्याप्त हो गया। न्याय की मांग को लेकर आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को उठाने से साफ इनकार कर दिया और सभी हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग पर अड़ते हुए अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कप्तान ने विशेष टीमों का गठन किया। शुरुआत में पुलिस ने तकनीकी इनपुट के आधार पर छह संदिग्धों को दबोचा, जिसके बाद मिली लीड पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार की शाम मुख्य आरोपी हमीर सिंह समेत छह और बदमाशों को पड़ोसी जिले की सीमा से घेराबंदी करके दबोच लिया गया। अब पुलिस इन सभी 12 आरोपियों को आमने-सामने बिठाकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
फोरेंसिक साक्ष्य और फरार आरोपियों की तलाश
जांच दल ने अपहरण और हत्या में इस्तेमाल किए गए चौपहिया वाहन को अपने कब्जे में लेकर उसे फोरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेज दिया है ताकि उंगलियों के निशान (फिंगरप्रिंट्स) और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर अदालत में केस को मजबूत किया जा सके। मुख्य आरोपियों के पकड़े जाने और पुलिस की तरफ से निष्पक्ष कानूनी कार्रवाई के भरोसे के बाद शुक्रवार को मेडिकल बोर्ड द्वारा मृतक महावीर सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके पश्चात शव अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों को सुपुर्द कर दिया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि इस जघन्य कांड में शामिल कुछ अन्य सह-आरोपियों की भी पहचान पुख्ता हो चुकी है और बहुत जल्द पूरा गैंग सलाखों के पीछे होगा।









