भारतीय क्रिकेट टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय (वनडे) मुकाबले में भले ही 170 रनों की एकतरफा और विशाल जीत दर्ज कर ली हो, लेकिन टीम के कॉम्बिनेशन और बल्लेबाजी क्रम को लेकर क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी का मानना है कि सलामी बल्लेबाजी (ओपनिंग) के क्रम में अचानक किए गए ये प्रयोग आने वाले समय में टीम मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी मुसीबत बन सकते हैं।
इकाना स्टेडियम में दिखा नया प्रयोग, शुभमन गिल ने नंबर 3 पर दिया जवाब
नवाबी नगरी लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में नियमित ओपनर शुभमन गिल की जगह कप्तान रोहित शर्मा के साथ युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को पारी की शुरुआत करने के लिए क्रीज पर भेजा गया, जबकि गिल को नंबर तीन की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि, जायसवाल इस सुनहरे मौके का फायदा नहीं उठा सके और महज 4 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। दूसरी ओर, आलोचकों के निशाने पर चल रहे शुभमन गिल ने तीसरे नंबर पर उतरकर एक जादुई शतकीय पारी खेली और अपने बल्ले से सभी को करारा जवाब दिया।
मनोज तिवारी ने पूछा— मैनेजमेंट आखिर क्या हासिल करना चाहता है?
क्रिकेटर मनोज तिवारी ने इस रणनीतिक बदलाव पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ऐसे फैसलों से खिलाड़ियों के मन में अपनी वास्तविक भूमिका को लेकर असमंजस पैदा हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए खिलाड़ियों को अपने बैटिंग ऑर्डर को लेकर मानसिक रूप से स्पष्ट होना बेहद जरूरी है।
तिवारी ने कहा, "आगामी दौरों और बड़े टूर्नामेंट्स में यह प्रयोग टीम के लिए सिरदर्द साबित होगा। आपने यशस्वी और रोहित से पारी की शुरुआत कराई, लेकिन अब गिल ने नंबर तीन पर आकर एक बहुत बड़ा शतक ठोक दिया है। जाहिर है कि अब वे भी अपने परमानेंट बैटिंग ऑर्डर को लेकर कशमकश में होंगे।" उन्होंने आगे कहा कि वे यह समझने में असमर्थ हैं कि टीम प्रबंधन इस प्रयोग से क्या हासिल करना चाहता था, क्योंकि यहाँ दूरदर्शिता की कमी दिखती है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि जायसवाल जैसे प्रतिभावान खिलाड़ी को अंतिम एकादश में मौका मिलना एक अच्छा संकेत है, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा को भी फॉर्म में लौटने के लिए बड़ी पारियां खेलनी होंगी।
शुभमन गिल की 154 रनों की तूफानी पारी और ईशान किशन का कहर
सलामी बल्लेबाज की भूमिका से हटाए जाने के बाद भी शुभमन गिल के इरादों में कोई कमी नहीं दिखी। उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए महज 110 गेंदों में 154 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली, जिसमें 22 लाजवाब चौके और 2 गगनचुंबी छक्के शामिल रहे। गिल ने साबित कर दिया कि वे टीम की जरूरत के हिसाब से किसी भी क्रम पर खेलने का माद्दा रखते हैं।
गिल के अलावा मध्यक्रम में विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन ने भी अफगानी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए केवल 79 गेंदों में 125 रन कूट डाले। किशन की इस पारी में 14 चौके और 7 छक्के शामिल रहे। इन दोनों विस्फोटक शतकों की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवरों में 402 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा किया।
तेज गेंदबाजों ने ढाया कहर, गिल बने 'प्लेयर ऑफ द मैच'
403 रनों के असंभव लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफगानिस्तान की टीम शुरुआत में अच्छी स्थिति में दिख रही थी, लेकिन भारतीय पेस अटैक ने जल्द ही मैच का पासा पलट दिया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और युवा रफ्तार सनसनी गुरनूर बरार ने 3-3 विकेट चटकाए, जबकि अपना पहला अंतरराष्ट्रीय मैच खेल रहे प्रिंस यादव ने शानदार लाइन-लेंथ दिखाते हुए 2 सफलताएं अर्जित कीं। पूरी अफगानी टीम 44.3 ओवरों में 232 रनों पर ऑलआउट हो गई।
मैच में सर्वोच्च स्कोर बनाने वाले शुभमन गिल को श्रृंखला में लगातार दूसरी बार 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया। अब भारत और अफगानिस्तान के बीच इस श्रृंखला का तीसरा और आखिरी एकदिवसीय मैच 20 जून को खेला जाएगा, जहाँ मेजबान टीम का लक्ष्य सीरीज पर 3-0 से कब्जा करना होगा।









