भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़ा! 15 लाख लेकर डमी कैंडिडेट से दिलाई परीक्षा, SOG की बड़ी कार्रवाई

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जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित प्राध्यापक (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2022 में डमी परीक्षार्थियों का उपयोग कर चयन हासिल करने के एक बड़े घोटाले का स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने खुलासा किया है। एसओजी ने इस मामले में गहन जांच के बाद एक चयनित अभ्यर्थी और एक बिकॉलिए को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया कि एसओजी थाने में दर्ज प्रकरण संख्या 36/2024 के तहत कार्रवाई की जा रही है, जिसमें सवाई माधोपुर के रहने वाले दलपत लाल मीणा ने खुद परीक्षा न देकर डमी उम्मीदवार से परीक्षा दिलवाकर धोखाधड़ी की थी।

फोटो और जन्मतिथि में हेरफेर कर रचा चक्रव्यूह

जांच में सामने आया कि 15 अक्टूबर 2022 को आयोजित परीक्षा के दौरान उपस्थिति पत्रक में बड़े स्तर पर छेड़छाड़ की गई थी। आरोपी ने ऑनलाइन फॉर्म में अपलोड की गई मूल फोटो के बजाय किसी अन्य व्यक्ति की फोटो का प्रिंट निकलवाकर उसे इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं, सत्यापन के दौरान पकड़ से बचने के लिए अभ्यर्थी की जन्मतिथि को भी 15 जुलाई 1986 से बदलकर 15 जुलाई 1997 कर दिया गया, ताकि परीक्षा केंद्र पर मौजूद इनविजिलेटर को संदेह न हो।

15 लाख रुपये का हुआ था पूरा सौदा

इस भर्ती घोटाले के पीछे करौली जिले के सपोटरा क्षेत्र के भंवरपुरा निवासी रुकमकेश मीणा का हाथ पाया गया है, जो वर्तमान में उत्तराखंड के एम्स ऋषिकेश में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत है। एसओजी के अनुसार, दलपत लाल मीणा का चयन सुनिश्चित करने के लिए रुकमकेश ने पूरी डील को अंजाम दिया था। दोनों के बीच 15 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था, जिसे अलग-अलग किस्तों में नकद राशि के रूप में लिया और दिया गया था।

गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों की तलाश जारी

एसओजी ने स्थायी वारंट के आधार पर अब दलपत लाल मीणा और बिचौलिए रुकमकेश मीणा को धर दबोचा है। पूछताछ के दौरान भर्ती घोटाले से जुड़े नेटवर्क के अन्य सदस्यों और डमी परीक्षार्थियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में शामिल दो अन्य डमी उम्मीदवारों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं और इस पूरे रैकेट में शामिल अन्य बिचौलियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। एसओजी ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।