भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की प्रतीक्षा कर रहे नागरिकों को अभी कुछ दिन और धीरज रखना होगा। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य में मानसूनी हवाओं के 25 जून के आसपास सक्रिय होने की उम्मीद है। हालांकि, मानसून के आगमन से पहले ही प्रदेश में प्री-मानसून की हलचलें तेज हो गई हैं, जिसके चलते अधिकांश हिस्सों में तेज आंधी के साथ बौछारें गिर रही हैं। इस मौसमी बदलाव के कारण फिलहाल आम जनता को झुलसाने वाली गर्मी से खासी राहत मिली है।
विगत 24 घंटों में अंधड़ और आंधी का दौर
बीते 1 दिन के दौरान मध्य प्रदेश के 40 से अधिक छोटे-बड़े अंचलों में बादलों की गर्जना और बिजली की कड़क के साथ वर्षा दर्ज की गई है। इस अवधि में सर्वाधिक 42 मिमी बारिश धुंधड़का में रिकॉर्ड की गई, जबकि शामगढ़ में 29.2 मिमी, कयामपुर व रौन में 27-27 मिमी तथा सिवनी में 26.6 मिमी पानी बरसा। इसके साथ ही आगर मालवा में 57 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चलीं। जबलपुर, डिंडोरी, cutनी, सतना, रीवा, सिंगरौली, शिवपुरी, शहडोल, सीहोर, सागर, झाबुआ, रतलाम, अशोकनगर, ग्वालियर, भिंड और मुरैना जैसे जिलों में भी धूलभरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी का क्रम बना रहा।
पचमढ़ी में सबसे ज्यादा ठंडक और खजुराहो रहा सर्वाधिक गर्म
तापमान के उतार-चढ़ाव पर नजर डालें तो छतरपुर जिले का ऐतिहासिक पर्यटन स्थल खजुराहो शुक्रवार को राज्य का सबसे तप्त इलाका रहा, जहां दिन का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया। इसके विपरीत, हिल स्टेशन पचमढ़ी (नर्मदापुरम जिला) में मौसम सबसे सुहावना और ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 18.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का 'ऑरेंज अलर्ट'
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले 5 दिनों तक वायुमंडल की इस स्थिति में कोई बड़ा फेरबदल नहीं होगा। मौसम विभाग ने सीहोर, आगर, अशोकनगर और सागर जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए चेतावनी दी है कि यहां 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के साथ जोरदार बारिश हो सकती हैं। इसके अलावा राजधानी भोपाल, विदिशा, रायसेन, बैतूल, हरदा, खंडवा, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, नीमच, जबलपुर, पन्ना और गुना सहित 30 से अधिक नगरों में मेघ गर्जन के साथ वर्षा होने के आसार जताए गए हैं।









