वाराणसी। उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में आगामी अक्तूबर महीने के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने वाले भारतीय वायुसेना (IAF) के मेगा एयर शो को लेकर जिला प्रशासन और वायुसेना के आला अधिकारियों ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। वायुसेना मुख्यालय से मिले इनपुट्स के मुताबिक, इस हैरतअंगेज और ऐतिहासिक आयोजन को देखने के लिए करीब 20 लाख लोगों के जुटने की संभावना है। इतनी बड़ी तादाद में आने वाले जनसैलाब को संभालने और बेहतर क्राउड मैनेजमेंट (भीड़ नियंत्रण) के लिए ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है। मुख्य आयोजन स्थल नमो घाट पर अतिविशिष्ट मेहमानों के लिए करीब 2500 लोगों की दर्शक दीर्घा तैयार की जाएगी।
90 घाटों और गंगा पार रेती पर उमड़ेगी भीड़, अस्सी घाट पर ही जुटेंगे 30 हजार दर्शक
प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, वायुसेना के लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों के इस शौर्य प्रदर्शन के दौरान नमो घाट से लेकर अस्सी घाट के बीच पड़ने वाले सभी 90 घाटों और गंगा नदी के उस पार मौजूद रेतीले मैदान (डोमरी क्षेत्र) का नजारा बिल्कुल देव दीपावली जैसा अलौकिक रहेगा। सुरक्षा अनुमानों के मुताबिक, अकेले अस्सी घाट पर करीब 30 हजार दर्शक मौजूद रहेंगे, जबकि अन्य प्रत्येक घाट पर 10 से 20 हजार लोगों के खड़े होने की संभावना है। इसके अलावा गंगा पार डोमरी के रेतीले इलाकों में भी दर्शकों के बैठने के लिए विशेष सेक्टर बनाए जा रहे हैं।
पीएम मोदी, रक्षा मंत्री सहित कई वीवीआईपी (VVIP) होंगे शामिल, पड़ोसी जिलों से भी आएंगे लोग
वायुसेना ने स्थानीय प्रशासन को सचेत किया है कि इस रोमांचक शो को देखने के लिए न केवल वाराणसी बल्कि आसपास के पड़ोसी जिलों जैसे चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर और मिर्जापुर से भी लाखों की संख्या में खेल और रक्षा प्रेमी काशी पहुंचेंगे। इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय रक्षा मंत्री, तीनों थल-जल-नभ सेनाओं के प्रमुखों (चीफ ऑफ स्टाफ) सहित देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों के शामिल होने की पूरी उम्मीद है। नमो घाट पर इन विशिष्ट अतिथियों के लिए एक भव्य और अभेद्य सुरक्षा वाला मुख्य मंच तैयार किया जा रहा है, जहां 500 वीवीआईपी मेहमान बैठ सकेंगे।
इसके ठीक बगल में दो हजार की क्षमता वाला एक अन्य बड़ा मंच तैयार होगा। आम जनता के लिए घाटों की तरफ विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं, जिससे मुख्य घाटों के किनारे ही एक साथ छह लाख से अधिक लोग बैठकर हवाई करतबों का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा, गंगा पार रेती पर कड़े घेराव (बैरिकेडिंग) के जरिए दर्शकों को नियंत्रित किया जाएगा। घाटों के सामने स्थित ऊंची इमारतों और होटलों की छतों को भी सुरक्षा मानकों के तहत चिन्हित किया जा रहा है।
सुरक्षा के कड़े पहरे: एयर शो के दौरान गंगा में लागू रहेगा 'नो बोट जोन'
हवाई प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखना सबसे बड़ी परीक्षा होगी। इसके लिए पुलिस कमिश्नरेट और जिला प्रशासन अभी से संयुक्त मॉक ड्रिल और रणनीति बनाने में जुटा है। वायुसेना के नियमों के तहत, एयर शो शुरू होने से एक घंटे पहले और शो खत्म होने के एक घंटे बाद तक पूरी गंगा नदी में 'नो-बोट जोन' (नावों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध) लागू रहेगा। मानसून और बारिश के बाद घाटों व रेती पर जमा होने वाली सिल्ट (मिट्टी और कीचड़) को समय से पहले हटाने के लिए नगर निगम और जलकल विभाग को जिम्मेदारी सौंप दी गई है।
20 अक्तूबर से काशी के आसमान में गूंजेगी 'सूर्य किरण' विमानों की गर्जना
एयरपोर्ट अथॉरिटी के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, आगामी 20 अक्तूबर से भारतीय वायुसेना की विश्व प्रसिद्ध 'सूर्य किरण एरोबेटिक टीम' के अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और सूर्यकिरण टोली वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे पर लैंड करना शुरू कर देगी। इन विमानों की सुरक्षित पार्किंग, तकनीकी जांच और एटीएफ (ईंधन) की विशेष व्यवस्था स्थानीय हवाई अड्डा प्रशासन द्वारा की जाएगी। मुख्य शो से पहले ये विमान लगातार पांच दिनों तक काशी के आसमान में कड़ा अभ्यास (रिहर्सल) करेंगे, जिसके बाद पूरी दुनिया भारतीय वायुसेना के जांबाज पायलटों के हैरतअंगेज और रोंगटे खड़े कर देने वाले आसमानी करतबों की गवाह बनेगी।









