तीसरे वनडे में दिख सकते हैं नए प्रयोग, अर्शदीप की जगह किसे मिलेगा मौका?

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अफगानिस्तान के खिलाफ शनिवार को यहाँ चेपक स्टेडियम में खेले जाने वाले तीसरे और आखिरी एकदिवसीय (वनडे) मुकाबले से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रेयान टेन डेस्काटे ने टीम कॉम्बिनेशन को लेकर बड़े संकेत दिए हैं। कोच ने साफ किया है कि मध्यक्रम के भरोसेमंद बल्लेबाज केएल राहुल आगामी मैच में भी बल्लेबाजी क्रम में नीचे ही खेलेंगे। वहीं, युवा और आक्रामक सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल पर टीम मैनेजमेंट एक बार फिर भरोसा जताने के मूड में है, जिसके तहत वे कप्तान रोहित शर्मा के साथ भारतीय पारी की शुरुआत करते नजर आ सकते हैं। भारतीय टीम पहले ही इस तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाकर ट्रॉफी अपने नाम कर चुकी है, लिहाजा चेन्नई के इस आखिरी मुकाबले में बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने के लिए प्लेइंग इलेवन में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

शीर्ष क्रम में फेरबदल की गुंजाइश नहीं, मजबूत रहेगा बैटिंग लाइन-अप

मैच की पूर्व संध्या पर आयोजित आधिकारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सहायक कोच रेयान टेन डेस्काटे ने बल्लेबाजी क्रम में किसी भी बड़े फेरबदल की संभावनाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "हमारा बैटिंग यूनिट काफी लचीला है और किसी भी परिस्थिति में ढलने की काबिलियत रखता है। फिलहाल केएल राहुल को प्रमोट करके ऊपरी क्रम में भेजने पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। हम यशस्वी जायसवाल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पर्याप्त मौके देना चाहते हैं। पिछले मैच में वे अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए थे, इसलिए चेन्नई में उन्हें अपनी उपयोगिता साबित करने का एक और अवसर मिलना तय है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि टीम पांच विशेषज्ञ बल्लेबाजों के मजबूत कॉम्बिनेशन के साथ ही मैदान पर उतरेगी।

अर्शदीप सिंह को मिल सकता है आराम, प्रसिद्ध कृष्णा की वापसी की उम्मीद

तेज गेंदबाजी आक्रमण पर बात करते हुए डेस्काटे ने संकेत दिया कि सीरीज पहले ही मुट्ठी में होने के कारण मुख्य खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को इस मैच से आराम दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, "हमारी योजना सीरीज की शुरुआत से ही अलग-अलग गेंदबाजी संयोजनों को आजमाने की थी। अर्शदीप ने शुरुआती दोनों मैचों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, इसलिए उन्हें विश्राम देकर प्रसिद्ध कृष्णा को अंतिम एकादश में शामिल किया जा सकता है।" वहीं, हाल ही में मुख्य स्क्वॉड से जुड़े युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा को फिलहाल अपनी बारी के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।

शुभमन गिल और ईशान किशन पूरी तरह फिट, ऐंठन की समस्या हुई खत्म

इससे पहले लखनऊ में खेले गए पिछले वनडे मैच के दौरान कप्तान शुभमन गिल को अत्यधिक गर्मी और उमस के कारण मैदान छोड़ना पड़ा था, जबकि विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन भी कंधे की हल्की खिंचाव से परेशान दिखे थे। हालांकि, कीवी मूल के सहायक कोच ने दोनों ही खिलाड़ियों को लेकर प्रशंसकों की चिंता दूर करते हुए उन्हें शत-प्रतिशत फिट घोषित किया। उन्होंने बताया कि शुभमन गिल को केवल डिहाइड्रेशन और ऐंठन (क्रैम्प्स) की शिकायत थी, जिससे वे अब पूरी तरह उबर चुके हैं, जबकि ईशान किशन के कंधे का दर्द भी अब पूरी तरह ठीक है।

ईशान किशन ने वनडे प्रारूप में खुद को किया साबित

ईशान किशन की तारीफों के पुल बांधते हुए सहायक कोच ने कहा कि इस युवा खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से आलोचकों का मुंह बंद कर दिया है। उन्होंने कहा, "ईशान को लेकर अक्सर यह धारणा बनी हुई थी कि वे केवल फटाफट क्रिकेट (टी20) के ही विशेषज्ञ हैं, लेकिन हालिया मैचों में लंबी और समझदारी भरी पारियां खेलकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वे वनडे प्रारूप में भी पारी को संवार सकते हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के साथ-साथ विकेटकीपिंग की दोहरी भूमिका टीम के संतुलन को बेहद मजबूत बनाती है।"

नीतीश कुमार रेड्डी बन सकते हैं हार्दिक पांड्या के उत्तराधिकारी

टीम इंडिया के ऑलराउंडर विकल्पों के भविष्य पर चर्चा करते हुए डेस्काटे ने नीतीश कुमार रेड्डी की प्रतिभा को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "पिछले डेढ़ साल में नीतीश ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। वे शारीरिक रूप से मजबूत हो रहे हैं और उनमें हार्दिक पांड्या का एक स्वाभाविक और दीर्घकालिक विकल्प बनने के सभी गुण मौजूद हैं।" इसके साथ ही उन्होंने शिवम दुबे और हर्षित राणा के खेल में आ रहे निरंतर सुधार को भारतीय क्रिकेट के लिए एक सुखद संकेत बताया।

युवा गेंदबाजों की 148 किमी/घंटे की रफ्तार से उत्साहित थिंक-टैंक

अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के बाद भारतीय पेस अटैक के ट्रांजिशन (बदलाव के दौर) पर कोच ने खुशी जाहिर की। उन्होंने विशेष रूप से युवा सनसनी गुरनूर बरार का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय पिचों पर किसी युवा गेंदबाज को लगातार 147 से 148 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सटीक गेंदबाजी करते देखना बेहद रोमांचक है। उन्होंने अंत में कहा कि आगामी 14-15 महीनों के भीतर होने वाले बड़े टूर्नामेंट्स के मद्देनजर टीम का एक परफेक्ट कोर कॉम्बिनेशन तैयार करने के लिए युवाओं को लगातार ऐसे एक्सपोजर दिए जाते रहेंगे।