होर्मुज स्ट्रेट के दोबारा बंद होने की आशंकाओं के बीच भारत के तीन बड़े तेल टैंकर सुरक्षित इस समुद्री मार्ग को पार करने में सफल रहे हैं। ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल की जंग शुरू होने के बाद से यह पहला मौका है, जब एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में भारतीय जहाज होर्मुज पार कर भारत रवाना हुए हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय ध्वज वाले टैंकर देश वैभव, देश विभोर और सनमार हेराल्ड शनिवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गए। इन तीनों जहाजों में कुल 8.6 लाख टन कच्चा तेल लदा है, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। होर्मुज दुनिया के सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाले तेल का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से दुनिया के कई देशों तक पहुंचता है। हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के बाद होर्मुज की नाकेबंदी की वजह से जहाजों की आवाजाही रुक गई थी।
शिपिंग मंत्रालय के मुताबिक अब तक भारत आने वाले कुल 18 जहाज इस मार्ग को सुरक्षित पार कर चुके हैं। इनमें 13 भारतीय ध्वज वाले और 5 विदेशी ध्वज वाले जहाज शामिल हैं। केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि सरकार भारतीय समुद्री हितों और नाविकों की सुरक्षा तय करने के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ काम कर रही है। उन्होंने बताया कि इन तीन जहाजों पर कुल 94 भारतीय नाविक तैनात हैं।
शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक देश वैभव 24 जून को गुजरात के वडीनार बंदरगाह पहुंच सकता है। वहीं देश विभोर भी 24 जून को गुजरात के सिक्का पोर्ट पहुंचने वाला है। इन जहाजों के पहुंचने से देश की रिफाइनरियों को कच्चे तेल की आपूर्ति में मजबूती मिलेगी और बाजार में संभावित आपूर्ति संकट की आशंकाएं कम होंगी। हालांकि होर्मुज की तस्वीर अभी भी पूरी तरह राहत भरी नहीं है। अधिकारियों के मुताबिक भारत आने वाले 31 जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। इनमें 16 जहाज उर्वरक (फर्टिलाइजर) लेकर भारत आने वाले हैं। भारत की ओर आने वाले दो और जहाज एसएसएल कावेरी और देश सुरक्षा अभी होर्मुज के आसपास इंतजार कर रहे हैं. सभी की निगाहें अब इनके सुरक्षित पार होने पर टिकी हैं।









