भोपाल। यदि आप एक व्यापारी हैं, स्टार्टअप चलाते हैं या निवेश के लिए किसी ऐसे स्थान की तलाश में हैं जहां ग्राहकों की भारी मौजूदगी (गारंटीड फुटफॉल) हो, तो भारतीय रेलवे आपके लिए एक सुनहरा अवसर लेकर आया है। पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत नया रूप ले रहे 15 रेलवे स्टेशनों पर कमर्शियल स्पेस (वाणिज्यिक स्थानों) के उपयोग के लिए बिजनेस प्रपोजल मांगे हैं। इस योजना के जरिए अब रेलवे स्टेशनों को सिर्फ यात्रा का जरिया नहीं, बल्कि शहरों के बड़े आर्थिक और व्यापारिक केंद्र (सिटी सेंटर) के रूप में तब्दील किया जा रहा है।
ड्राइव-इन सिनेमा से लेकर गेमिंग जोन जैसे आधुनिक आइडिया
रेल प्रशासन स्टेशन परिसरों को हाई-टेक लुक देने के लिए पारंपरिक दुकानों के ढर्रे से अलग हटकर नए और यात्री-केंद्रित बिजनेस आइडिया को प्राथमिकता दे रहा है। कारोबारी नीचे दी गई श्रेणियों या किसी अन्य नए कांसेप्ट पर अपने प्रस्ताव दे सकते हैं:
मनोरंजन और गैजेट्स: ड्राइव-इन सिनेमा, गेमिंग जोन, बाल मनोरंजन केंद्र और डिजिटल एक्सपीरियंस सेंटर।
सुविधाएं और आतिथ्य: आधुनिक प्रतीक्षालय/लाउंज, पर्यटन एवं आतिथ्य सेवाएं और मल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स।
बैंकिंग और टेक: डिजिटल बैंकिंग यूनिट, ई-लॉबी और हाई-टेक एटीएम।
भोपाल मंडल के ये 15 स्टेशन बनेंगे नए 'बिजनेस हब'
अमृत भारत योजना के तहत नर्मदापुरम और शाजापुर स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य पूरा हो चुका है, जबकि 13 अन्य प्रमुख स्टेशनों पर काम बहुत तेजी से चल रहा है। इस पूरी योजना में शामिल 15 स्टेशन जहां बिजनेस सेंटर विकसित किए जाएंगे, वे इस प्रकार हैं:
नर्मदापुरम, शाजापुर, हरदा, खिरकिया, बनापुरा, इटारसी, साँची, विदिशा, गंजबासौदा, अशोकनगर, गुना, रुठियाई, शिवपुरी, ब्यावरा-राजगढ़ और संत हिरदाराम नगर (बैरागढ़) स्टेशन।
पारदर्शी टेंडर और ई-नीलामी के जरिए अलॉटमेंट
रेलवे स्टेशनों पर व्यापार शुरू करने के लिए आवंटन की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी और सरल रखा गया है:
सम्पर्क और सर्वेक्षण: इच्छुक कारोबारी सीधे संबंधित स्टेशन के मंडल वाणिज्य निरीक्षक से मिलकर उपलब्ध खाली जगहों का निरीक्षण और अपनी व्यावसायिक आवश्यकताओं के अनुसार प्रस्ताव तैयार कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया: प्राप्त सभी प्रस्तावों का रेलवे बोर्ड की नीतियों के तहत परीक्षण किया जाएगा। जो प्रस्ताव व्यावहारिक और उपयोगी पाए जाएंगे, उन्हें ई-नीलामी या टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से अंतिम रूप दिया जाएगा।
इस योजना का उद्देश्य स्टेशनों को केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित न रखकर व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास का मुख्य केंद्र बनाना है, जिससे शहरों के विकास में रेलवे का योगदान और अधिक बढ़ सके।









