तिरुवल्लूर। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक निजी सी-फूड (समुद्री खाद्य) प्रसंस्करण और निर्यात कारखाने में हुए अमोनिया गैस रिसाव हादसे ने विकराल रूप ले लिया है। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है। यह घटना 21 जून को उस समय हुई जब कारखाने में रोजाना की तरह काम चल रहा था। तमिलनाडु सरकार द्वारा जारी आधिकारिक मीडिया बुलेटिन के अनुसार, इस जहरीली गैस की चपेट में आने से कुल 80 लोग प्रभावित हुए थे, जिनमें से 9 महिला श्रमिकों की मौत हो चुकी है।
प्रभावितों में अधिकांश प्रवासी महिला मजदूर
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस हादसे का शिकार हुए लोगों में से ज्यादातर ओडिशा, असम, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से आए प्रवासी श्रमिक हैं। मृतकों में 7 महिलाएं ओडिशा की और 2 महिलाएं असम की रहने वाली थीं। मारे गए श्रमिकों की पहचान शिबानी, जुमानी जुआंगा, गीता जुआंगा, पूर्णिमा जुआंगा, चंपाबती जुआंगा, पार्वती जुआंगा, सीता हसदा और अंजिला सोरेन के रूप में हुई है, जबकि एक मृतक महिला की पहचान अभी नहीं हो सकी है (संदेह है कि वह भी ओडिशा से थी)। वर्तमान में 69 श्रमिकों का इलाज वेल्स अस्पताल, वेंकटेश्वर अस्पताल, स्टेनली अस्पताल और राजीव गांधी सरकारी सामान्य अस्पताल में चल रहा है, वहीं दो लोगों को ठीक होने के बाद छुट्टी दे दी गई है।
सांस लेने में तकलीफ के बाद मची अफरा-तफरी
कारखाने में नियमित काम के दौरान अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। गैस इतनी जहरीली थी कि संपर्क में आते ही श्रमिकों को सांस लेने में भारी तकलीफ, तेज खांसी, सीने में दर्द और आंखों व गले में भयंकर जलन होने लगी। देखते ही देखते कारखाने के भीतर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, बचाव दल और स्वास्थ्य अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रभावितों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग घायलों की स्थिति पर नजर रखे हुए है और कारखाने के अंदर व आसपास के पूरे इलाके में पर्यावरण सुरक्षा की जांच की जा रही है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा
इस दर्दनाक हादसे पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, सीएम ने कहा कि वे इस घटना से बेहद व्यथित हैं। उन्होंने जान गंवाने वाली महिला श्रमिकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और घायल श्रमिकों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। इसके साथ ही ओडिशा सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (अनुग्रह राशि) देने का ऐलान किया है।









