जनजातीय कला और संस्कृति का महाकुंभ, आदिरंग महोत्सव के समापन में शामिल होंगे CM

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भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज राजधानी भोपाल के अचारपुरा स्थित राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (NID MP) परिसर में आयोजित 'आदिरंग शिल्पकार महोत्सव' के भव्य समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान मध्य प्रदेश (एनआईडी एमपी) और जनजातीय कार्य विभाग की संस्था 'वन्या' द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस पांच दिवसीय महोत्सव के समापन अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे।

शिल्पकारों के नवाचार और डिजाइन प्रदर्शनी का अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समारोह के दौरान जनजातीय शिल्पकारों द्वारा विकसित किए गए नवाचारपूर्ण (इन्नोवेटिव) उत्पादों और आधुनिक डिजाइन हस्तक्षेपों की एक विशेष प्रदर्शनी का बारीकी से अवलोकन करेंगे। इसके साथ ही वे देश भर से आए शिल्पकारों, डिजाइन विशेषज्ञों और युवा प्रतिभागियों से सीधा संवाद कर उनके जमीनी अनुभवों को साझा करेंगे और कला संवर्धन को लेकर उनके बहुमूल्य सुझाव भी जानेंगे। कार्यक्रम में मध्य प्रदेश की समृद्ध जनजातीय कला, शिल्प, संस्कृति और पारंपरिक आजीविका को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों तथा डिजाइन-आधारित आधुनिक नवाचारों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

140 से अधिक जनजातीय शिल्पकारों का महासंगम

भोपाल के अचारपुरा में आयोजित इस अनूठे आदिरंग शिल्पकार महोत्सव में मध्य प्रदेश के विभिन्न सुदूर अंचलों से आए 140 से अधिक जनजातीय शिल्पकार और हुनरबाज भाग ले रहे हैं।

  • प्रमुख समुदाय: इस महोत्सव में विशेष रूप से भील, गोंड और बैगा सहित कई अन्य जनजातीय समुदायों के पारंपरिक कलाकार अपनी पुश्तैनी कला, हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित उत्कृष्ट उत्पादों का जीवंत प्रदर्शन कर रहे हैं।

  • डिजाइन हस्तक्षेप कार्यशाला: महोत्सव के दौरान आयोजित की गई विशेष कार्यशालाओं में इन शिल्पकारों ने एनआईडी मध्य प्रदेश के अनुभवी संकाय सदस्यों (फैकल्टी) और होनहार छात्र स्वयंसेवकों के साथ मिलकर काम किया। इस तकनीकी सहयोग से शिल्पकारों ने अपनी पारंपरिक कला को संजोते हुए वैश्विक और आधुनिक बाजार की मांग के अनुरूप कई नए, आकर्षक और व्यावसायिक उत्पाद विकसित किए हैं।

शाम 5:30 बजे से आम जनता के लिए खुलेगी प्रदर्शनी

इस पांच दिवसीय कार्यशाला और महोत्सव के दौरान तैयार किए गए बेहतरीन उत्पादों और नई डिजाइन अवधारणाओं (कॉन्सेप्ट्स) की यह विशेष प्रदर्शनी आज शाम 5:30 बजे से भोपाल के आम नागरिकों और कला प्रेमियों के लिए पूरी तरह खोल दी जाएगी। यहाँ नागरिक सीधे जनजातीय कलाकारों से मिलकर उनकी दुर्लभ कलाकृतियों और हस्तशिल्प उत्पादों को देख व खरीद सकेंगे।

प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टिकोण से, 'आदिरंग शिल्पकार महोत्सव' को मध्य प्रदेश की समृद्ध जनजातीय विरासत, कला और पारंपरिक ज्ञान को एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने के साथ-साथ गरीब और हुनरमंद शिल्पकारों के लिए रोजगार, नए बाजार तथा आजीविका के नए अवसर खोलने की दिशा में सरकार की एक बेहद क्रांतिकारी व महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।