जबलपुर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में आज भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। हाईकोर्ट ने इस जवाब को रिकॉर्ड पर ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा मांगी गई अंतरिम राहत पर अब अगली सुनवाई 24 जून को तय की गई है। इस सुनवाई में यह साफ हो जाएगा कि राहुल गांधी को ट्रायल कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट मिलेगी या उन्हें अदालत के सामने हाजिर होना पड़ेगा।
समन को दी गई है चुनौती
दरअसल, राहुल गांधी ने भोपाल की विशेष अदालत द्वारा जारी किए गए समन के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान द्वारा दर्ज कराए गए मानहानि के मामले में भोपाल कोर्ट ने यह समन जारी किया था। राहुल गांधी की याचिका में तर्क दिया गया है कि समन जारी करने की पूरी प्रक्रिया और उसके कानूनी आधार की न्यायिक समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने अदालत से इस समन को पूरी तरह निरस्त करने की मांग की है।
क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा मामला साल 2018 का है, जब झाबुआ में एक चुनावी रैली के दौरान राहुल गांधी ने पनामा पेपर्स लीक मामले का उल्लेख किया था। कार्तिकेय सिंह चौहान का आरोप है कि राहुल गांधी ने उस भाषण में उनका और उनके पिता शिवराज सिंह चौहान का नाम घसीटा, जिससे उनकी सामाजिक छवि को गहरा धक्का लगा। इसी वजह से उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
राहुल गांधी की ओर से दी गई थी सफाई
इस विवाद पर अगले ही दिन राहुल गांधी ने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि वे मंच से छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह के बेटे का नाम लेना चाहते थे, लेकिन मानवीय भूल (गलती) के कारण उनके मुंह से कार्तिकेय चौहान का नाम निकल गया था।
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