चेन्नई. द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेताओं ने बुधवार को विजय की अगुवाई वाली सरकार की उस कार्रवाई की कड़ी निंदा की जिसमें देर रात उनके घर पर छापा मारकर पार्टी के 'जेन जी' विंग के कोऑर्डिनेटर अनबनंथन अरियप्पन को गिरफ्तार करने की कोशिश की गई। राज्य में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि वह अनबनंथन अरियप्पन के घर में आधी रात को घुसने और उन्हें गिरफ्तार करने की पुलिस की कोशिश की कड़ी निंदा करते हैं। वे पार्टी के जेन जी को एकजुट करने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं। इसी तरह हाल ही में सैदापेट में जेनजी की एक बैठक में बोलने वाले पार्टी के युवा सदस्य कानी पर टीवीके के गुंडों ने जानलेवा हमला किया था। इसके बावजूद पुलिस ने कानी पर हमला करने वालों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया। इसके बजाय, आरोप है कि पुलिस ने उसे डराया-धमकाया और उसे उस अस्पताल से जाने के लिए मजबूर किया जहां वह इलाज के लिए भर्ती था।
क्या इसी बदलाव का वादा किया था?
इन दोनों घटनाओं में फर्क बताते हुए डीएमके ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह विपक्ष के सदस्यों के खिलाफ तो तेजी से कार्रवाई करती है लेकिन हिंसा के आरोपी सत्ताधारी पार्टी के समर्थकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती। डीएमके नेता ने कहा कि अगर पार्टी के युवा सत्ताधारी पार्टी और सरकार के खिलाफ बोलते हैं तो पुलिस उनके पीछे लगा दी जाती है, लेकिन जब हमलावर टीवीके के होते हैं, तो अधिकारी बस देखते रह जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही वो बदलाव है जिसका जनता से वादा किया गया था?
चुपचाप तमाशा नहीं देखेगी डीएमके
स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी सरकार डराने-धमकाने का तरीका अपना रही है क्योंकि युवा वोटरों के बीच उसकी छवि कमजोर हो रही है। डीएमके ने सरकार को चेतावनी दी कि वह विपक्षी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों का इस्तेमाल न करे और कहा कि अगर ऐसी हरकतें जारी रहीं तो पार्टी चुपचाप तमाशा नहीं देखेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक रूप से अक्षम सरकार की जो छवि बहुत मेहनत से बनाई गई थी, वह युवाओं के बीच टूट रही है। इसे बर्दाश्त न कर पाने के कारण सत्ता में बैठे लोग दमन का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने मौजूदा सरकार को चेतावनी दी कि अगर उन्हें लगता है कि वे पुलिस का इस्तेमाल करके पार्टी के युवाओं को डरा-धमका सकते हैं तो वे गलतफहमी में हैं।
कनिमोझी ने दी सरकार को चेतावनी
विपक्षी पार्टी की नेता कनिमोझी ने आरोप लगाया कि सरकार उन युवाओं को निशाना बना रही है जो सत्ता में बैठे लोगों से सवाल पूछते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आलोचकों की आवाज दबाने की कोशिशों का तमिलनाडु के युवा विरोध करेंगे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि टीवीके सरकार के तहत पुलिस की हरकतें बेहद निंदनीय हैं। पुलिस कथित तौर पर आधी रात को एक घर में घुसी और डीएमके के 'जेन जी' विंग के कोऑर्डिनेटर अनबनंथन अरियप्पन को गिरफ्तार करने की कोशिश की। टीवीके सरकार को लग सकता है कि वह सवाल उठाने वाले युवाओं को दबा सकती है और उनकी आवाज बंद कर सकती है लेकिन तमिलनाडु के युवा जल्द ही इसका उचित जवाब देंगे।
सीएम विजय ने किया था डीएमके पर हमला
ये आरोप तमिलनाडु विधानसभा में सत्ताधारी टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच तीखी बहस के एक दिन बाद लगाए गए हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री विजय ने डीएमके पर कड़ा हमला करते हुए आरोप लगाया था कि सत्ता में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान, विभिन्न सरकारी विभागों के फंड को पार्टी फंड में बदल दिया गया था। उन्होंने आगे दावा किया कि पिछली डीएमके सरकार ने जनता का पैसा हड़प लिया था, जिस पर विपक्षी सदस्यों ने कड़ी आपत्ति जताई। विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने तुरंत इन टिप्पणियों का विरोध किया और मांग की कि मुख्यमंत्री निराधार आरोप लगाने के बजाय सबूतों के साथ अपने आरोपों को साबित करें। इस बहस के कारण सदन में भारी हंगामा हुआ और डीएमके विधायक विरोध में खड़े हो गए।









