मेरठ में मानसून की रफ्तार धीमी, बारिश के लिए करना होगा 2 दिन और इंतजार

0
7

मेरठ| जून का आखिरी हफ्ता खत्म होने की कगार पर है, लेकिन मेरठ और इसके आसपास के इलाकों में मानसून की धीमी रफ्तार ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कड़कड़ाती धूप, भारी उमस और गर्म हवाओं (लू) के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले दो दिनों तक इस तपती गर्मी से राहत मिलने के कोई आसार नहीं हैं। क्षेत्र में अच्छी बारिश और तापमान में गिरावट तभी संभव है, जब मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय होगा।

कड़ी धूप और उमस से लोग बेहाल, सड़कों पर सन्नाटा

सुबह की शुरुआत होते ही सूरज के तेवर तल्ख हो जाते हैं और दोपहर तक गर्मी बर्दाश्त से बाहर हो जाती है। भीषण तपिश के कारण बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही काफी कम हो गई है। लोग केवल सुबह या शाम के वक्त ही जरूरी काम से बाहर निकल रहे हैं। दिन तो दूर, अब रात के समय भी उमस पीछा नहीं छोड़ रही है। वहीं, गर्मी के कारण बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है, जिससे कई इलाकों में लो-वोल्टेज और अघोषित कटौती की समस्या खड़ी हो रही है।

खरीफ की फसलों पर संकट, किसानों की बढ़ी लागत

बारिश में हो रही इस देरी का सीधा और बुरा असर कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बुवाई का काम पिछड़ता जा रहा है। जिन किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, उन्हें खेतों में नमी बचाए रखने के लिए बार-बार ट्यूबवेल से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे उनकी खेती की लागत काफी बढ़ गई है। वहीं, दूसरी ओर बड़ी संख्या में किसान इस इंतजार में बैठे हैं कि कब अच्छी बारिश हो और वे अपनी बुवाई का काम शुरू कर सकें।

मौसम वैज्ञानिक की सलाह: दो दिन बाद बदल सकता है मिजाज

मोदीपुरम स्थित भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डॉ. एम. शमीम ने बताया कि अगले दो दिनों के बाद क्षेत्र में मानसूनी गतिविधियां दोबारा जोर पकड़ सकती हैं। इसके बाद अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है, जिससे तापमान नीचे गिरेगा और लोगों को इस उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

बचाव के उपाय: मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय बिना वजह तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, शरीर में पानी की कमी न होने दें और सेहत के प्रति विशेष सावधानी बरतें।