3 युवकों की मौत के पीछे जहरीली गैस? मैहर में बकरी से हुई कुएं की जांच

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मैहर। मध्य प्रदेश के मैहर जिले के अमरपाटन क्षेत्र अंतर्गत खरमसेड़ा गांव में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। यहाँ एक कुएं में उतरे तीन युवकों की एक के बाद एक मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना से पूरे इलाके में सनसनी और मातम पसरा हुआ है। जहाँ ग्रामीण इस घटना को लेकर अपने-अपने दावे कर रहे हैं, वहीं वैज्ञानिकों की शुरुआती जांच में कुएं के भीतर बेहद जहरीली गैस होने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

बैल को बचाने कुएं में उतरे थे तीनों युवक

यह पूरी घटना बीते शुक्रवार (3 जुलाई 2026) की है। खमरसेड़ा गांव में एक बैल अचानक गहरे कुएं में गिर गया था। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सबसे पहले एक युवक कुएं के अंदर उतरा। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो उसे देखने के लिए दूसरा युवक भी कुएं में चला गया। दोनों में से किसी की भी कोई हलचल न होने पर तीसरा युवक भी नीचे उतरा, लेकिन वह भी अंदर जाते ही बेहोश हो गया। बाद में ग्रामीणों ने तीनों को अचेत अवस्था में बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

जांच में मिले मीथेन गैस के खतरनाक सबूत

हादसे की सूचना मिलते ही विशेषज्ञों और प्रदूषण नियंत्रण विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कुएं के भीतर की हवा का परीक्षण किया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गणेश कुमार बैगा ने बताया कि कुएं के अंदर मीथेन गैस का स्तर बेहद खतरनाक (12,900 पीपीएम) पाया गया है, जबकि ऑक्सीजन का स्तर गिरकर महज 12 से 13 फीसदी रह गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, इंसानों को जीवित रहने के लिए सामान्य तौर पर कम से कम 21 प्रतिशत ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऑक्सीजन की इतनी भारी कमी और मीथेन जैसी जहरीली गैस की मौजूदगी ही युवकों के लिए जानलेवा साबित हुई।

ग्रामीणों ने बकरी को कुएं में उतारकर किया खुद का टेस्ट

वैज्ञानिकों की इस रिपोर्ट पर कुछ ग्रामीणों ने असहमति जताई, जिसके बाद उन्होंने सच जानने के लिए खुद एक अजीबोगरीब परीक्षण किया। गांव वालों ने एक बकरी को खाट पर रस्सी से बांधकर कुएं के अंदर उतारा, जो पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। इधर, प्रशासन ने ग्रामीणों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और कहा है कि अंतिम विस्तृत रिपोर्ट आने तक धैर्य बनाए रखें।