बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक बेहद झकझोर देने वाली और अमानवीय घटना सामने आई है, जहां पुलिस ने अपनी ही 11 महीने की मासूम बच्ची की हत्या के आरोप में उसके माता-पिता को गिरफ्तार किया है। सोमवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कलयुगी माता-पिता ने न केवल अपनी दुधमुंही बच्ची को मौत के घाट उतारा, बल्कि इस जघन्य अपराध को छुपाने के लिए इसे एक सामान्य हादसे की शक्ल देने की भी पूरी साजिश रची थी।
हादसे की कहानी गढ़ी, पोस्टमार्टम से खुला राज
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने शुरुआत में अस्पताल और पड़ोसियों को यह कहानी बताई थी कि बच्ची खेलते-खेलते बिस्तर या ऊंचाई से गिर गई थी, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौत हो गई। हालांकि, जब बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, तो डॉक्टरों की रिपोर्ट ने माता-पिता के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि बच्ची की मौत गिरने से नहीं, बल्कि उसका गला दबाने और अंदरूनी चोटें पहुंचाने की वजह से हुई थी।
पुलिसिया पूछताछ में टूटे आरोपी, मामला दर्ज
चिकित्सकों की रिपोर्ट और शक के आधार पर जब बेंगलुरु पुलिस ने माता-पिता को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वे ज्यादा देर तक अपनी झूठी कहानी पर टिक नहीं सके और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या (आईपीसी/बीएनएस की संबंधित धाराओं) और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि आखिर किस पारिवारिक विवाद, अंधविश्वास या मानसिक विकृति के चलते उन्होंने अपनी ही संतान की इतनी बेरहमी से जान ले ली।









