कुछ घंटों की देरी बनी काल, खतरे का एहसास होने के बावजूद नहीं बच सका परिवार

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मुंबई। आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की मूसलाधार बारिश अब मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ने लगी है। यहां एक बेहद दर्दनाक हादसे में एक मजदूर के हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में जमींदोज हो गईं। चार बच्चों की मां अख्तर जहां को अपने टिन-शेड वाले घर पर मंडरा रहे खतरे का पहले ही अंदेशा हो गया था। उनके घर के ठीक बगल में बनी बहुमंजिला इमारत जर्जर होकर कभी भी गिर सकती थी, जिसके साफ संकेत मिल रहे थे। खतरे को भांपते हुए अख्तर जहां और उनके पति मोइनुद्दीन वादिज अली शाह ने रविवार सुबह ही मकान बदलने की पूरी तैयारी कर ली थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; शनिवार रात को ही वह इमारत ढह गई और उनका सब कुछ तबाह हो गया।