असम सरकार का बड़ा प्रस्ताव, एक से ज्यादा शादी करने वालों पर सरकारी सुविधाओं की रोक

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नई दिल्लीउत्तर-पूर्वी राज्य असम की सरकार ने सामाजिक सुधार और महिला अधिकारों की दिशा में एक बेहद कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने का फैसला किया है। राज्य के वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने शुक्रवार को विधानसभा में बजट पेश करने के दौरान एक बड़ा ऐलान किया। सरकार ने समाज में लैंगिक समानता लाने और महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए बहुविवाह जैसी कुप्रथा पर पूरी तरह से रोक लगाने के उद्देश्य से नए और कड़े प्रावधानों को लागू करने का प्रस्ताव रखा है।

नियम तोड़ने वाले सरकारी कर्मचारियों की जाएगी नौकरी

असम सरकार की इस नई नीति का सबसे बड़ा और सीधा असर राज्य के सरकारी कर्मचारियों पर पड़ने जा रहा है। बजट प्रस्तावों के मुताबिक, यदि प्रदेश का कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी बहुविवाह की कुप्रथा में संलिप्त पाया जाता है या इस नियम का उल्लंघन करने का दोषी सिद्ध होता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। सरकार के इस सख्त रुख से साफ है कि शासकीय सेवा में रहते हुए ऐसी सामाजिक विसंगतियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होंगे दोषी लोग

सरकार ने इस कुप्रथा को जड़ से खत्म करने के लिए न केवल प्रशासनिक बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी घेराबंदी की तैयारी कर ली है। बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि बहुविवाह का पालन करने वाले किसी भी आम नागरिक को राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का फायदा नहीं दिया जाएगा। ऐसे लोगों को चिन्हित कर उन्हें सरकारी लाभों की सूची से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है ताकि समाज में इस प्रथा को हतोत्साहित किया जा सके।

महिला सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने का लक्ष्य

वित्त मंत्री जयंता मल्ला बरुआ ने इस कड़े फैसले की वजह साफ करते हुए कहा कि असम सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण और समाज में उन्हें बराबर का हक दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। लैंगिक न्याय सुनिश्चित करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि ऐसी रूढ़िवादी परंपराओं पर कानूनी रोक लगाई जाए। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल महिलाओं का जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि समाज में एक प्रगतिशील और सुरक्षित माहौल तैयार होगा।