भीलवाड़ा/बांसवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा और बांसवाड़ा के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की लगातार मौतों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में छह दिनों के भीतर पांच प्रसूताओं की मौत हुई है। ऑपरेशन थिएटर की कल्चर जांच में संक्रमण मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि संक्रमण और मौतों के बीच सीधा संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है। वहीं बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में दो घंटे के भीतर दो प्रसूताओं की मौत हो गई। अस्पताल प्रशासन ने दोनों मामलों की जांच के लिए चिकित्सकीय समितियां गठित कर दी हैं।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि विशेषज्ञ स्तर पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। महात्मा गांधी अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 सिजेरियन ऑपरेशन किए जाते हैं। अस्पताल में नियमित उपयोग के लिए सीमित सर्जिकल सेट उपलब्ध हैं, जिन्हें दोबारा उपयोग से पहले स्टरलाइजेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि एमसीएच में अलग आईसीयू और पोस्ट-ऑपरेटिव सुविधाओं की कमी गंभीर मरीजों के उपचार को प्रभावित कर सकती है। हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।









