क्या आप भी फेंक देते हैं आम की गुठली? पहले पढ़ लें ये जरूरी जानकारी

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गर्मियों का मौसम आते ही बाजारों में फलों के राजा 'आम' की बहार आ जाती है। अपने लाजवाब स्वाद और बेहतरीन पोषक तत्वों के लिए मशहूर आम को लोग चाव से खाते हैं, लेकिन आमतौर पर इसके बाद बची गुठली को कचरा समझकर फेंक दिया जाता है। हालांकि, आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इस गुठली को बेहद गुणकारी माना गया है। आम की गुठली के भीतर मौजूद बीज में प्रचुर मात्रा में फाइबर, हेल्दी फैट, एंटीऑक्सीडेंट और कई तरह के बायोएक्टिव तत्व पाए जाते हैं। हालांकि इस पर अभी वैज्ञानिक शोध सीमित हैं, फिर भी सदियों से इसका इस्तेमाल पेट की दिक्कतों, त्वचा की रंगत सुधारने और बालों के पोषण के लिए घरेलू नुस्खों के तौर पर होता आ रहा है। ध्यान रहे कि इसे किसी बीमारी का पक्का इलाज नहीं माना जा सकता, इसलिए इसका सेवन करने से पहले किसी विशेषज्ञ या डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

आम की गुठली से सेहत को होने वाले संभावित लाभ

  • पाचन तंत्र को दुरुस्त रखना: आम की गुठली में मौजूद फाइबर पेट की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाने में मदद कर सकता है। पुराने समय से ही दस्त या लूज मोशन होने पर इसके चूर्ण का प्रयोग किया जाता रहा है।

  • एंटीऑक्सीडेंट का खजाना: इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर की कोशिकाओं (सेल्स) को फ्री रेडिकल्स और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मददगार साबित हो सकते हैं।

  • दिल की सेहत का साथी: कुछ शुरुआती रिसर्च बताते हैं कि गुठली में मौजूद अच्छे फैट्स और प्लांट-बेस्ड कंपाउंड दिल की सेहत को बेहतर रख सकते हैं, हालांकि इसके पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण आने अभी बाकी हैं।

  • त्वचा में लाए निखार: गुठली से तैयार होने वाला तेल या इसका लेप त्वचा की नमी बरकरार रखने (मॉइस्चराइज करने) में उपयोगी है। आजकल कई सौंदर्य उत्पादों में भी 'मैंगो सीड बटर' का धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।

  • बालों का रूखापन करे दूर: मैंगो सीड बटर बालों को गहराई से पोषण देकर उनके रूखेपन को कम करता है, जिससे बाल चमकदार बनते हैं।

  • वेट मैनेजमेंट में मददगार: इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण, इसका सेवन करने के बाद काफी देर तक भूख नहीं लगती, जिससे वजन नियंत्रित रखने में अप्रत्यक्ष रूप से मदद मिल सकती है।

घर पर कैसे तैयार करें और कैसे करें इसका उपयोग?

  • सबसे पहले आम की गुठली को अच्छी तरह धोकर धूप में सुखा लें।

  • इसके बाद इसके ऊपरी कड़े हिस्से (खोल) को तोड़कर अंदर का बीज निकाल लें।

  • इस अंदरूनी बीज को सुखाकर मिक्सी में पीस लें और इसका बारीक पाउडर बना लें।

  • इस चूर्ण की आधी से एक छोटी चम्मच मात्रा को गुनगुने पानी, शहद या दही के साथ मिलाकर लिया जा सकता है।

  • त्वचा या बालों पर इसका इस्तेमाल करने से पहले स्किन पर पैच टेस्ट जरूर कर लें कि कहीं आपको एलर्जी तो नहीं है।

इस्तेमाल के दौरान बरतें ये जरूरी सावधानियां

  • आम की गुठली को किसी गंभीर बीमारी का विकल्प या मुख्य दवा बिल्कुल न समझें।

  • गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को बिना डॉक्टर की इजाजत के इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

  • स्वाद के चक्कर में इसका ज्यादा मात्रा में सेवन करने से पेट खराब या अन्य पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

  • यदि इसके उपयोग के बाद शरीर में किसी भी तरह की बेचैनी या एलर्जी दिखे, तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर दें।