घर में घुसकर बेअदबी केस के आरोपी की हत्या, फतेहगढ़ साहिब में हड़कंप

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फतेहगढ़ साहिब: पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के अंतर्गत आने वाले थाना मंडी गोबिंदगढ़ क्षेत्र के गांव लाडपुर तूरां से एक बेहद ही चौंकाने वाली, सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ धार्मिक ग्रंथ की बेअदबी के एक पुराने मामले में मुख्य आरोपी मेवा सिंह की उसके अपने ही घर के भीतर बेहद निर्मम और क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई है।

इस वारदात को उस समय अंजाम दिया गया जब मेवा सिंह अपने कमरे में गहरी नींद में सो रहा था। इस हाई-प्रोफाइल मर्डर के बाद पूरे फतेहगढ़ साहिब जिले सहित पंजाब के संवेदनशील इलाकों में भारी तनाव फैल गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस के आला अधिकारियों ने घटना स्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया है और पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

तेजधार कुल्हाड़ी और तलवारों से वार कर उतारा मौत के घाट; खून से लथपथ मिली लाश

गांव लाडपुर तूरां में बीती रात 13-14 जुलाई की मध्यरात्रि को जो कुछ भी हुआ, उसने कानून-व्यवस्था और सिखों की धार्मिक भावनाओं से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के अनुसार:

  • घर की दीवार फांदकर घुसे कातिल: बीती रात करीब 1 बजे, जब पूरा गांव सो रहा था, तब अज्ञात नकाबपोश हमलावरों का एक समूह मेवा सिंह के घर के बाहर पहुंचा। वे दीवार फांदकर सीधे उस कमरे में दाखिल हुए जहां मेवा सिंह सो रहा था।

  • सोते समय ताबड़तोड़ हमले: हमलावरों ने संभलने का मौका दिए बिना मेवा सिंह पर तेजधार हथियारों (तलवारों और गंडासों) से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। हमले इतने बर्बर थे कि मेवा सिंह की मौके पर ही तड़प-तड़प कर मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर रात के सन्नाटे का फायदा उठाकर हवा में हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।

सितंबर 2020 का वह काला पन्ना; जानिए क्या था बेअदबी का पूरा मामला जिसमें गिरफ्तार हुआ था मेवा सिंह

इस निर्मम हत्याकांड के पीछे की कड़ियों को जोड़ने पर एक बेहद ही संवेदनशील और पुराना आपराधिक मामला सामने आता है, जिसने साल 2020 में पूरे पंजाब को हिलाकर रख दिया था:

  • धार्मिक ग्रंथ का अपमान: मृतक मेवा सिंह सितंबर 2020 में दर्ज हुए एक बेअदबी के मुकदमे में मुख्य अभियुक्त (आरोपी) था। उस पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और पवित्र ग्रंथों का अपमान करने के बेहद गंभीर आरोप लगे थे।

  • जेल से जमानत पर आया था बाहर: इस घटना के बाद पंजाब पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मेवा सिंह को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया था। वह करीब छह महीने तक संगीन धाराओं के तहत जेल में बंद रहा। हालांकि, बाद में कानूनी प्रक्रियाओं के बाद उसे कोर्ट से जमानत मिल गई थी और वह करीब छह महीने पहले ही जमानत पर रिहा होकर अपने गांव लाडपुर तूरां वापस लौटा था और तभी से वह लगातार सिख संगठनों और कट्टरपंथियों के निशाने पर था।

टारगेट किलिंग या रंजिश? पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुरू की नाकेबंदी, हर संदिग्ध पर पैनी नजर

मेवा सिंह की हत्या की खबर आग की तरह फैलते ही पुलिस महकमे के हाथ-पांव फूल गए। डीएसपी और एसएसपी स्तर के अधिकारियों ने भारी पुलिस बल के साथ आधी रात को ही घटनास्थल का मुआयना किया:

  • फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सुराग: पुलिस की फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) और डॉग स्क्वायड की टीमों ने मौके पर पहुंचकर फिंगरप्रिंट्स और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए फतेहगढ़ साहिब के सिविल अस्पताल भेज दिया गया है।

  • बॉर्डर और हाईवे सील: जिले के सभी निकास द्वारों, प्रमुख चौराहों और हाईवे पर भारी पुलिस नाकेबंदी कर दी गई है। संदिग्ध वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।

धार्मिक संगठनों पर टिकी सुई; पुलिस खंगाल रही है मेवा सिंह को मिली धमकियों का रिकॉर्ड

जांच अधिकारियों के अनुसार, इस मर्डर मिस्ट्री को केवल एक सामान्य हत्या के रूप में नहीं देखा जा रहा है। पुलिस इस मामले में 'टारगेट किलिंग' और धार्मिक रंजिश के कोण (एंगल) पर सबसे ज्यादा ध्यान केंद्रित कर रही है:

  • धमकियों का इतिहास: पुलिस मेवा सिंह के परिजनों से पूछताछ कर रही है कि क्या जेल से बाहर आने के बाद उसे किसी प्रतिबंधित संगठन या स्थानीय लोगों से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं।

  • मोबाइल और सीसीटीवी फुटेज की जांच: मृतक के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और गांव के प्रवेश व निकास मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि हमलावरों की शिनाख्त की जा सके।

इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पंजाब पुलिस के अतिरिक्त जवानों को मुस्तैद कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही कातिलों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।