नगर पंचायत से नगर पालिका बना राजिम, विकास परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा

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रायपुर: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित और अपनी महान ऐतिहासिक व धार्मिक विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध त्रिवेणी संगम नगरी राजिम के विकास को लेकर राज्य सरकार ने एक युगांतरकारी कदम उठाया है। क्षेत्रीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की वर्षों पुरानी और बेहद महत्वपूर्ण मांग को आखिरकार स्वीकार कर लिया गया है।

राज्य शासन ने राजिम नगर पंचायत का स्तर बढ़ाकर उसे अब आधिकारिक तौर पर 'नगर पालिका परिषद' घोषित कर दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की ओर से इस ऐतिहासिक फैसले से जुड़ी आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना (अनाउंसमेंट नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है। जारी किए गए नए सरकारी आदेश के मुताबिक, वर्तमान नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी वार्ड और सीमाएं ही नई गठित नगर पालिका परिषद की आधिकारिक सीमाएं मानी जाएंगी।

प्रशासनिक अधिकार और बजट में होगी भारी बढ़ोतरी; अब तेजी से पूरे होंगे जनहित के बड़े कार्य

रायपुर: राजिम को नगर पंचायत से उन्नत करके नगर पालिका बनाए जाने के बाद अब इस धार्मिक नगरी के विकास की पूरी रूपरेखा बदलने जा रही है। इस निर्णय से स्थानीय शासन को कई बड़े फायदे होंगे:

  • प्रशासनिक अधिकारों का दायरा बढ़ेगा: अब स्थानीय निकाय के पास पहले की तुलना में कहीं अधिक प्रशासनिक और नीतिगत निर्णय लेने के अधिकार होंगे, जिससे विकास फाइलों की मंजूरी के लिए बार-बार जिला मुख्यालय या राजधानी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

  • वित्तीय संसाधनों में बंपर इजाफा: नगर पालिका परिषद बनते ही इस क्षेत्र को मिलने वाले सरकारी ग्रांट (बजट आवंटन) में कई गुना बढ़ोतरी हो जाएगी। इस अतिरिक्त बजट का सीधा उपयोग नगर की प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण, शुद्ध पेयजल की घर-घर आपूर्ति, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम (नाली निर्माण), उत्कृष्ट स्ट्रीट लाइट व्यवस्था और अत्याधुनिक कचरा प्रबंधन प्रणाली (स्वच्छता अभियान) को दुरुस्त करने में किया जाएगा।

डिप्टी सीएम अरुण साव का बड़ा बयान; राजिम के सुनियोजित और आधुनिक विकास का दिया भरोसा

रायपुर: इस ऐतिहासिक फैसले पर मुहर लगाते हुए राज्य के उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि सरकार का यह दूरदर्शी निर्णय राजिम के समग्र और नियोजित विकास के पथ पर मील का पत्थर साबित होगा:

  • बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण: उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राजिम को एक आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगर पालिका बनने से यहां के इंफ्रास्ट्रक्चर को नई मजबूती मिलेगी।

  • इन विकास कार्यों को दी जाएगी प्राथमिकता: आने वाले समय में राजिम में सुंदर उद्यानों (पार्कों) का निर्माण, सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवनों का विकास, चौड़ी डामरीकृत व कंक्रीट सड़कें, नियमित जलापूर्ति योजना और स्वच्छता परियोजनाओं को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।

डबल इंजन का फायदा: केंद्र और राज्य सरकार की बड़ी योजनाओं के लिए खुलेंगे सीधे रास्ते

रायपुर: इस प्रशासनिक अपग्रेडेशन का सबसे बड़ा तकनीकी फायदा राजिम को बजटरी आवंटन में मिलने वाला है:

  • अमृत और स्मार्ट सिटी जैसी योजनाएं: अब तक नगर पंचायत होने के कारण राजिम कई ऐसी केंद्रीय और राज्य स्तरीय शहरी विकास योजनाओं का लाभ उठाने से वंचित रह जाता था, जो केवल नगर पालिकाओं के लिए आरक्षित होती हैं।

  • अतिरिक्त वित्तीय मदद: अब केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय और राज्य सरकार के विशेष फंडों से राजिम को विकास कार्यों के लिए बड़ी आर्थिक मदद सीधे मिल सकेगी, जिसका सीधा और सकारात्मक प्रभाव यहां के नागरिकों के जीवन स्तर पर दिखाई देगा।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, शहरवासियों और व्यापारियों में जश्न का माहौल

रायपुर: इस बहुप्रतीक्षित घोषणा के बाद से ही राजिम के स्थानीय निवासियों, प्रबुद्ध जनों और व्यापारियों में बेहद उत्साह और खुशी की लहर देखी जा रही है:

  • पर्यटन और रोजगार का नया हब: राजिम को छत्तीसगढ़ का 'प्रयाग' भी कहा जाता है, जहाँ प्रतिवर्ष भव्य राजिम कल्प कुंभ मेले का आयोजन होता है। विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नगर पालिका का दर्जा मिलने से यहाँ का बुनियादी ढांचा सुधरेगा, जिससे धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।

  • बढ़ेगा निवेश: बेहतर नागरिक सुविधाएं होने से आने वाले समय में राजिम में निजी निवेश, नए होटलों, धर्मशालाओं और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की स्थापना होगी, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर पैदा होंगे। शहरवासियों ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।