बांसवाड़ा: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों के कार्यकाल में केंद्र सरकार ने देश की संवैधानिक संस्थाओं को पूरी तरह खोखला कर दिया है। सरकार द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र एजेंसियों का खुलकर दुरुपयोग किया जा रहा है। मीडिया से मुखातिब होते हुए पायलट ने कहा कि नीट (NEET) पेपर लीक और राम मंदिर के चंदा चोरी मामले में सरकार केवल लीपापोती करने में जुटी है। उन्होंने मांग की कि सरकार को इन गंभीर मामलों में निष्पक्ष जांच कर 'दूध का दूध और पानी का पानी' करना चाहिए।
हार के डर से चुनाव टाल रही भजनलाल सरकार
सचिन पायलट ने राजस्थान की भजनलाल सरकार पर स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों को जानबूझकर टालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार चुनाव कराने से पूरी तरह घबरा रही है, क्योंकि उसे पता है कि जनता के बीच जाते ही नतीजे उसके खिलाफ आएंगे। हाईकोर्ट से कई बार फटकार मिलने के बावजूद सरकार चुनाव न कराने के बहाने ढूंढ रही है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यहां सरकार चलाने वालों को खुद नहीं मालूम कि वे कब तक अपनी कुर्सी पर रहेंगे, क्योंकि सत्ता का रिमोट कंट्रोल पूरी तरह दिल्ली से संचालित हो रहा है। पायलट ने दावा किया कि जब भी चुनाव होंगे, केवल ग्रामीण ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी जनता भाजपा को सबक सिखाएगी और कांग्रेस प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करेगी।
अफसरशाही के भरोसे चल रहा देश
पायलट ने 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के नारे को लेकर भी घेरा। उन्होंने कहा कि इस स्लोगन की आड़ में चुनाव टालने की कोशिशें हो रही हैं। तमाम न्यायिक मंचों द्वारा फटकार लगाए जाने के बाद भी इस डबल इंजन सरकार ने पूरे देश को अधिकारियों (अफसरशाही) के भरोसे छोड़ दिया है, जिससे आम जनता के काम ठप पड़े हैं और हर वर्ग हताश है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो चुकी है।
प्रदेश का हर वर्ग और भाजपा कार्यकर्ता भी परेशान
राजस्थान सरकार के अब तक के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए पायलट ने कहा कि अल्प समय में ही जनता इस शासन से ऊब चुकी है। राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। किसान, महिलाएं, कर्मचारी और आम नागरिक त्रस्त हैं। जनहित के काम तो दूर, खुद भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं की भी सुनवाई नहीं हो रही है। सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को भरा नहीं जा रहा है, जिससे युवाओं में भारी आक्रोश है।
आर्टिफिशियल मैंडेट और अगले सीएम के सवाल पर रुख
जब सचिन पायलट से उनके अगले मुख्यमंत्री बनने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इन बातों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उनका पूरा ध्यान आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मजबूती से जिताने पर है। उन्होंने भाजपा पर लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिवसेना, एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस जैसी पार्टियों के सांसदों-विधायकों को तोड़कर विपक्षी सरकारों को अस्थिर किया गया। जब भाजपा को जनता का वास्तविक जनादेश नहीं मिलता, तो वह संसद और राज्यों में जोड़-तोड़ कर 'आर्टिफिशियल मैंडेट' (कृत्रिम बहुमत) तैयार करने की कोशिश करती है। देश की जागरूक जनता यह सब देख रही है और वक्त आने पर इसका करारा जवाब देगी।








