दतिया: मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के रण में शह-मात का खेल अब चरम पर पहुंच गया है। इस चुनावी दंगल में कांग्रेस पार्टी के लिए एक बेहद गंभीर और सिरदर्द बढ़ाने वाली आंतरिक चुनौती खड़ी हो गई है। हाल ही में भाजपा का दामन छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामने वाले मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष और कद्दावर नेता अवधेश नायक की उपेक्षा और नाराजगी अब कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के लिए चिंता का मुख्य केंद्र बिंदु बन गई है।
यही बड़ी वजह है कि चुनाव प्रचार के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी तक, अवधेश नायक को मनाने और उनकी नाराजगी दूर करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाते नजर आ रहे हैं। इस बात का सबसे बड़ा सबूत तब मिला जब दिग्विजय सिंह ने दतिया की पहली ही चुनावी सभा के दौरान भरे मंच से, जनता के सामने सार्वजनिक रूप से अवधेश नायक से माफी मांग ली।
साल 2023 के आम चुनाव में टिकट की उम्मीद में भाजपा से कांग्रेस में आए थे अवधेश नायक; सरेआम खुला टिकट कटने का राज
दतिया: इस पूरे राजनीतिक मनमुटाव की जड़ें साल 2023 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ी हुई हैं, जब दल-बदल की बयार के बीच यह बड़ा घटनाक्रम हुआ था:
टिकट का मिला था भरोसा: मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के पूर्व उपाध्यक्ष और लंबे समय तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) व भाजपा में सक्रिय रहे अवधेश नायक ने सेंवड़ा विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट की उम्मीद में बीजेपी को अलविदा कह दिया था।
दिग्विजय के विरोध से कटा था टिकट: हालांकि, कांग्रेस में शामिल होने के बावजूद आखिरी वक्त पर उनका टिकट काट दिया गया था। अब दतिया के चुनावी मंच पर खड़े होकर खुद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सरेआम यह बात स्वीकार की है कि वह अवधेश नायक ही थे जिनका टिकट खुद उन्होंने (दिग्विजय सिंह) अपनी ही पार्टी में कड़ा विरोध करके कटवाया था।
दिग्विजय सिंह ने भरे मंच से कबूली अपनी गलती; कहा—'पिछली बार मैंने आपका विरोध किया, गलतियों के लिए क्षमा चाहता हूँ'
दतिया: अपनी बेबाकी के लिए जाने जाने वाले दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और आम जनता को संबोधित करते हुए अवधेश नायक के प्रति अपना आभार और खेद दोनों व्यक्त किया:
मंच से की सराहना: दिग्विजय सिंह ने कहा, "अवधेश नायक मूल रूप से भाजपा की विचारधारा के थे, उन्हें कांग्रेस ने सेंवड़ा से अधिकृत उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर ली थी। लेकिन मैंने उनके नाम का पुरजोर विरोध किया था क्योंकि आप महज कुछ दिन पहले ही भाजपा से आए थे। पार्टी के हित में मैंने वह फैसला लिया था। लेकिन टिकट कटने के बावजूद आपने जिस तरह पूरी दमदारी, निष्ठा और ईमानदारी के साथ कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती के पक्ष में चुनाव प्रचार किया और उन्हें ऐतिहासिक जीत दिलाई, उसके लिए मैं व्यक्तिगत रूप से आपका ऋणी और आभारी हूँ।"
मांगी सार्वजनिक माफी: उन्होंने आगे बेहद भावुक स्वर में कहा कि यदि मेरे किसी भी निर्णय या व्यवहार से कभी भी अवधेश नायक जी का आत्मसम्मान या मान-सम्मान आहत हुआ हो, तो मैं इस सार्वजनिक मंच से उनसे माफी मांगता हूं और बड़े भाई के नाते क्षमा याचना करता हूँ।
कांग्रेस की इस महत्वपूर्ण चुनावी सभा से गायब रहे अवधेश नायक; उपेक्षा के बाद बगावती तेवर और नाराजगी की पुष्टि
दतिया: दिग्विजय सिंह की इस सार्वजनिक माफी और मान-मनौव्वल के बावजूद, राजनीतिक गलियारों में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा है कि इस बेहद महत्वपूर्ण पहली चुनावी सभा से अवधेश नायक ने पूरी तरह दूरी बनाए रखी:
दोबारा टिकट कटने से खफा: दरअसल, इस बार के उपचुनाव में भी अवधेश नायक को कांग्रेस की तरफ से उम्मीदवारी की पूरी उम्मीद थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें दरकिनार करते हुए उनकी जगह कुंवर घनश्याम सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।
अधिकारों की लड़ाई: लगातार दूसरी बार उपेक्षा और टिकट कटने के बाद से नायक कांग्रेस के भीतर पूरी तरह अलग-थलग महसूस कर रहे हैं और अब उन्होंने अपनी इस भारी नाराजगी की पुष्टि खुद अपने बयानों के जरिए कर दी है।
'इस उपचुनाव में भी दिग्विजय सिंह ने ही काटा मेरा पत्ता, आरएसएस पृष्ठभूमि का दिया जा रहा है हवाला'
दतिया: इस राजनीतिक उठापटक के बीच जब अवधेश नायक से फोन पर संपर्क किया गया और दिग्विजय सिंह के मंच से दिए गए माफीनामे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने बेहद तल्ख और बेबाक लहजे में जवाब दिया:
दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना: अवधेश नायक ने कहा, "यदि उन्होंने सरेआम यह बात कबूल कर ली है कि मेरा टिकट उन्होंने ही कटवाया था, तो वे निश्चित रूप से बहुत बड़े और प्रभावशाली व्यक्ति हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि पिछली बार भी उन्होंने मेरे साथ यही किया था। इस बार जब मैं उपचुनाव के टिकट को लेकर उनके पास चर्चा करने गया था, तो उन्होंने मुझसे कहा था कि आपका नाम पार्टी के हर आंतरिक सर्वे में सबसे ऊपर है और आपने पिछली बार वफादारी दिखाई। लेकिन.. आप लंबे समय तक आरएसएस और भाजपा की पृष्ठभूमि से जुड़े रहे हैं, इसलिए हमें डर है कि जीतने के बाद कहीं आप दोबारा भाजपा में वापस न चले जाएं।"
वैचारिक मतभेद आए सामने: नायक के इस बयान से साफ है कि कांग्रेस के भीतर उनकी वैचारिक पृष्ठभूमि को लेकर आज भी अविश्वास का माहौल बना हुआ है।
चुनाव प्रचार और कांग्रेस की गतिविधियों से बनाई सुरक्षित दूरी; क्या बीजेपी में वापसी का विकल्प है खुला?
दतिया: अवधेश नायक के अगले कदम और उनकी वर्तमान निष्क्रियता ने कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह की चुनावी राह में कांटे बो दिए हैं:
भीषण गर्मी में आराम का बहाना: चुनाव प्रचार से पूरी तरह किनारा करने के सवाल पर अवधेश नायक ने चुटीले अंदाज में कहा, "मैं इस समय कांग्रेस की सभी सांगठनिक गतिविधियों से थोड़ा दूर चल रहा हूँ। इस समय मौसम में भी भारी गर्मी है और राजनीति का पारा भी चढ़ा हुआ है। इसलिए मैं अपने वफादार कार्यकर्ताओं और साथियों के साथ मिलकर फिलहाल घर पर आराम कर रहा हूँ और चुनावी गर्मी से खुद को बचा रहा हूँ।"
बीजेपी में वापसी की अटकलें: जब उनसे यह तीखा सवाल पूछा गया कि क्या वे वापस भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने जा रहे हैं या किसी बीजेपी नेता से उनकी बातचीत चल रही है, तो उन्होंने सस्पेंस बरकरार रखते हुए कहा, "फिलहाल मैंने ऐसा कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। राजनीति में कोई भी रास्ता कभी हमेशा के लिए बंद नहीं होता, हमारे लिए भी सारे विकल्प और रास्ते पूरी तरह खुले हुए हैं। जहां तक भाजपा नेताओं के संपर्क की बात है, तो कई नेता और पुराने साथी सौजन्य मुलाकात के लिए घर आते रहते हैं, लेकिन दल-बदल को लेकर अभी कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। यदि ऐसा कोई भी बड़ा कदम उठाऊंगा, तो मीडिया को सबसे पहले इसकी सूचना दी जाएगी।" फिलहाल, अवधेश नायक की यह 'चुप्पी' और 'आराम' कांग्रेस के वोट बैंक में बड़ी सेंध लगाने की ओर इशारा कर रहा है।








